गर्मियों में पत्तेदार सब्जियों से पाएं शानदार आमदनी, कम समय में किसान कमा सकते हैं मोटा मु

गर्मियों में पत्तेदार सब्जियों से पाएं शानदार आमदनी, कम समय में किसान कमा सकते हैं मोटा मु


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गर्मियों में पत्तेदार सब्जियों से पाएं शानदार आमदनी, कम समय में अच्छा मुनाफा

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Summer Farming Tips: अगर किसान सही तकनीक और समय पर देखभाल के साथ लाल भाजी, मेथी और चौलाई की खेती करते हैं, तो गर्मियों के इस मौसम में कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाना संभव है. आइए जान लेते हैं पूरी जानकारी…

Summer Farming Tips: गर्मी का मौसम अक्सर किसानों के लिए चुनौती भरा माना जाता है, लेकिन अगर सही फसल का चयन किया जाए तो यही मौसम कमाई का बड़ा जरिया भी बन सकता है. खासकर पत्तेदार सब्जियां जैसे लाल भाजी, मेथी और चौलाई इस समय किसानों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रही हैं. ये फसलें गर्मी में तेजी से बढ़ती हैं और बाजार में इनकी मांग भी लगातार बनी रहती है, जिससे किसानों को कम समय में अच्छी आमदनी मिलती है.

कृषि सलाहकार नरेंद्र पटेल बताते हैं कि इन पत्तेदार सब्जियों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये कम समय में तैयार हो जाती हैं और इनकी खपत रोजमर्रा के भोजन में होने के कारण बाजार में हमेशा डिमांड बनी रहती है. यही वजह है कि अब कई किसान इन्हें नकदी फसल के रूप में उगाने लगे हैं. इन फसलों से बार-बार उत्पादन लिया जा सकता है, जिससे किसानों की आमदनी लगातार बनी रहती है. इनकी खेती के लिए खेत की अच्छी तैयारी बेहद जरूरी होती है. सबसे पहले मिट्टी की गहरी जुताई कर उसे भुरभुरी बनाया जाता है, ताकि पौधों की जड़ें आसानी से फैल सकें. इसके बाद खेत में करीब डेढ़ से दो मीटर चौड़े बेड तैयार किए जाते हैं, जिससे पौधों को पर्याप्त जगह मिलती है और सिंचाई भी आसानी से हो पाती है. सही तरीके से तैयार खेत में बीज का अंकुरण भी बेहतर होता है और फसल तेजी से बढ़ती है.

खेती में जैविक खाद का उपयोग
पत्तेदार सब्जियों की खेती में जैविक खाद का उपयोग काफी लाभदायक माना जाता है. गोबर की खाद या अन्य जैविक खाद मिट्टी की उर्वरता बढ़ाती है और पौधों को जरूरी पोषण देती है. इससे पत्तियां हरी-भरी और स्वस्थ रहती हैं, साथ ही मिट्टी की गुणवत्ता भी लंबे समय तक बनी रहती है. बुवाई के बाद हल्की सिंचाई करना जरूरी होता है, ताकि मिट्टी में नमी बनी रहे और बीज जल्दी अंकुरित हो सकें। ध्यान रखना चाहिए कि ज्यादा पानी न दिया जाए, क्योंकि इससे बीज खराब हो सकते हैं. सही सिंचाई और नियमित देखभाल से पौधे तेजी से बढ़ते हैं और फसल जल्दी तैयार हो जाती है.

इन फसलों की सबसे बड़ी खास बात यह है कि पहली तुड़ाई मात्र 20 से 25 दिनों में शुरू हो जाती है. इसके बाद बार-बार कटाई होती रहती है, जिससे किसानों को लगातार उत्पादन और आय मिलती है. कम समय में तैयार होने और कम लागत में ज्यादा उत्पादन देने के कारण यह खेती छोटे और मध्यम किसानों के लिए बहुत अच्छा विकल्प मानी जा रही है. अगर किसान सही तकनीक और समय पर देखभाल के साथ लाल भाजी, मेथी और चौलाई की खेती करते हैं, तो गर्मियों के इस मौसम में कम लागत में ज्यादा मुनाफा कमाना संभव है.

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Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें



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