Last Updated:
Success Story: युवाओं के लिए संदेश देते हुए नरेंद्र कहते हैं कि “छोटा काम हो या बड़ा, अगर आप लगन से करते हैं तो एक दिन बड़ा मुकाम जरूर हासिल कर सकते हैं. नौकरी करने से बेहतर है कि खुद का छोटा ही सही, लेकिन अपना काम शुरू करें.
Success Story: मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के छोटे से गांव सुरुगांव जोशी से निकलकर नरेंद्र पटेल ने मेहनत और लगन के दम पर एक ऐसी मिसाल पेश की है, जो हर युवा को प्रेरित करती है. कभी पान का टब संभालते हुए पढ़ाई करने वाले नरेंद्र आज सालाना करीब 2 करोड़ रुपए का टर्नओवर करने वाले सफल व्यवसायी बन चुके हैं.
नरेंद्र की कहानी संघर्ष से शुरू होती है। उनके पिता ने गांव में पान का टब शुरू किया था, जिसे उन्होंने छठवीं कक्षा से ही संभालना शुरू कर दिया था. पढ़ाई के साथ-साथ जिम्मेदारी उठाना उनके जीवन का हिस्सा बन गया था. गांव के सरकारी स्कूल से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने सनावद में आगे की शिक्षा पूरी की. उस समय हालात इतने साधारण थे कि टिफिन एक दिन छोड़कर आता था और उसी भोजन को दो दिन तक चलाना पड़ता था. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने प्राइवेट कंपनियों में छोटे-मोटे काम भी किए, जिससे घर की मदद हो सके. इसी बीच एक दोस्त ने उन्हें सलाह दी कि वे खुद का बिजनेस शुरू करें. यह बात नरेंद्र के मन में बैठ गई और उन्होंने हिम्मत जुटाकर खंडवा में मात्र 12 हजार रुपए की पूंजी से खाद-बीज की छोटी सी दुकान शुरू की. शुरुआत आसान नहीं थी, लेकिन नरेंद्र ने हार नहीं मानी.
उन्होंने किसानों को सही सलाह देना शुरू किया और ईमानदारी के साथ काम किया. धीरे-धीरे उनका भरोसा बाजार में बढ़ने लगा और उनका बिजनेस भी आगे बढ़ता गया. आज उनकी दुकान खंडवा के मुख्य बाजार शनि मंदिर क्षेत्र में “दिव्या कृषि केंद्र” के नाम से जानी जाती है. नरेंद्र बताते हैं कि उन्होंने जिंदगी में 1300 रुपए महीने की नौकरी से शुरुआत की थी. धीरे-धीरे सैलरी बढ़ी, लेकिन उन्होंने नौकरी के साथ-साथ अपने बिजनेस पर भी ध्यान दिया. मेहनत और सही दिशा के कारण उनका छोटा सा व्यापार आज बड़े स्तर पर पहुंच चुका है.
नमो एग्रो एजेंसी शुरुआत
करीब तीन साल पहले उन्होंने खंडवा के पास छैगांव माखन में दूसरी दुकान भी शुरू की, जिसका नाम “नमो एग्रो एजेंसी” है. इस दुकान को उनके बड़े भाई संभालते हैं. आज दोनों दुकानों के जरिए वे सालाना 2 से 2.5 करोड़ रुपए का टर्नओवर कर रहे हैं. नरेंद्र अपनी सफलता का श्रेय अपने गुरु देवेंद्र गुर्जर को भी देते हैं, जिन्होंने उन्हें इस क्षेत्र में सही मार्गदर्शन दिया. वे कहते हैं कि अगर आप ईमानदारी और मेहनत से काम करते हैं, तो सफलता जरूर मिलती है.
युवाओं के लिए संदेश देते हुए नरेंद्र कहते हैं कि छोटा काम हो या बड़ा, अगर आप लगन से करते हैं तो एक दिन बड़ा मुकाम जरूर हासिल कर सकते हैं. नौकरी करने से बेहतर है कि खुद का छोटा ही सही, लेकिन अपना काम शुरू करें.
About the Author
Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें