नई दिल्ली. हरियाणा हरिकेन के नाम से मशहूर कपिल देव की कहानी सिर्फ मैदान पर लिए गए 434 विकेटों या 1983 की उस ऐतिहासिक विश्व कप जीत तक सीमित नहीं है. यह गाथा है उस 12 साल के लड़के की, जिसे कभी टीम में चुनने लायक नहीं समझा गया. लेकिन जिसने अपनी जिद और ‘चपाती’ के दम पर दुनिया के सबसे खतरनाक बल्लेबाजों के स्टंप उखाड़े. क्रिकेट से संन्यास के बाद उन्होंने बिजनेस की पिच पर भी शानदार पारी खेली. कपिल की नेटवर्थ में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. होटलों से लेकर एआई और वेंचर कैपिटल तक, कपिल का जीवन सिखाता है कि सफलता भाषा या संसाधनों की नहीं, बल्कि अटूट विश्वास की मोहताज है.
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक कपिल देव की नेटवर्थ में लगातार बढ़ोतरी हो रही है. उनकी कुल संपत्ति लगभग 270 करोड़ है. इसमें ब्रैंड एंडोर्समेंट से उनकी मोटी कमाई है. क्रिकेट से संन्यास के बाद कपिल वर्तमान में ब्रैंड एंडोर्समेंट से सालाना करीब 20 से 30 करोड़ की कमाई करते हैं.क्रिकेट से संन्यास के बाद उनकी मोटी कमाई ब्रैंड एंडोर्समेंट, कमेंट्री, सार्वजनिक उपस्थिति और निवेश से हो रही है. उन्होंने देव मुस्को लाइटिंग प्राइवेट लिमिटेड लिमिटेड, ज़िकॉम इलेक्ट्रॉनिक्स (5 प्रतिशत हिस्सेदारी), चंडीगढ़ में होटल और रेस्तरां में निवेश किया है. जहां से उनकी अच्छी खासी कमाई होती है. वह बच्चों के लिए काम करने वाले खुशी एनजीओ से जुड़े हुए हैं. कपिल देव का दिल्ली में सुंदर नंबर में शानदार बंगला है. दिग्गज ऑलराउंडर के पास कई लग्जरी कारें हैं जिसमें पोर्श पनामेरा प्रमुख है. इस कार की कीमत लगभग 2.67 करोड़ है.
कपिल देव की नेटवर्थ में लगातार बढ़ोतरी हो रही है.
कपिल देव (Kapil Dev) की घरेलू क्रिकेट में डेब्यू शानदार रही. साल 1975 में जब उन्होंने हरियाणा के लिए डेब्यू किया, तो पहले ही सीजन में 121 विकेट झटके. यह सिर्फ प्रतिभा नहीं, बल्कि वह ‘गुस्सा’ था जिसने उन्हें छोटा महसूस कराने वालों को जवाब दिया. 1983 के वर्ल्ड कप को खुद भारतीय टीम एक ‘वेकेशन’ मान रही थी. सेमीफाइनल से पहले जिम्बाब्वे के खिलाफ जब भारत 17 रन पर 5 विकेट खो चुका था, तब कपिल क्रीज पर उतरे. बीबीसी की हड़ताल के कारण दुनिया ने वह नाबाद 175 रनों की पारी नहीं देखी, लेकिन उस पारी ने भारतीय क्रिकेट के डीएनए को हमेशा के लिए बदल दिया. लॉर्ड्स के फाइनल में विव रिचर्ड्स का वह पीछे भागते हुए पकड़ा गया कैच सिर्फ एक विकेट नहीं, बल्कि एक नए भारत का उदय था.
कपिल ने 1981 में मेलबर्न टेस्ट में चोट के बावजूद 5 विकेट लिए
कपिल की जिद का सबसे बड़ा उदाहरण 1981 का मेलबर्न टेस्ट है. जांघ की मांसपेशी फटने के बावजूद, जब ऑस्ट्रेलिया को जीत के लिए मात्र 143 रन चाहिए थे, कपिल ने आराम करने से मना कर दिया. उन्होंने 16.4 ओवर गेंदबाजी की और 28 रन देकर 5 विकेट लिए. भारत 59 रनों से जीता. यह साहस नहीं, बल्कि एक ऐसी मानसिकता थी जो हार को स्वीकार करना जानती ही नहीं थी.
भाषा की दीवार और ‘पालमोलिव’ का चेहरा
70 के दशक में कुछ चयनकर्ताओं ने कपिल की कप्तानी का विरोध सिर्फ इसलिए किया क्योंकि उनकी अंग्रेजी ‘पॉलिश’ नहीं थी. कपिल ने कूटनीति के बजाय अलग अंदाज में जवाब दिया. उन्होंने न केवल अंग्रेजी सीखी, बल्कि अपनी ‘इम्परफेक्ट’ इंग्लिश को अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया. वह विज्ञापन जगत के पहले बड़े स्पोर्ट्स स्टार बने. ‘बूस्ट इज द सीक्रेट ऑफ माई एनर्जी’ आज भी करोड़ों भारतीयों के जेहन में बसा है.
बिजनेस टायकून कपिल देव
कपिल देव ने 1994 में क्रिकेट छोड़ा, लेकिन रुके नहीं. उन्होंने Dev Musco Lighting शुरू की. जिसने देश के बड़े स्टेडियमों को रोशन किया. आज 67 वर्ष की उम्र में भी उनका निवेश पोर्टफोलियो किसी मंझे हुए इन्वेस्टर जैसा है. उन्होंने चंडीगढ़ में ‘कैप्टन्स रिट्रीट’ और पटना में ‘कपिल देव इलेवन’ जैसे होटल और रेस्टोरेंट भी खड़े किए. आज वह ‘प्रोफेशनल गोल्फ टूर ऑफ इंडिया’ (PGTI) के अध्यक्ष के रूप में गोल्फ को ‘अमीरों का खेल’ की छवि से बाहर निकाल रहे हैं.
कपिल ने फिल्मों में भी किया काम
कपिल देव ने फिल्मों में भी काम किया. क्रिकेट के अलावा, कपिल देव ने बॉलीवुड फिल्मों में कई छोटी भूमिकाएं निभाई हैं, जो उनके करिश्मा और लोकप्रियता को दर्शाती हैं. उन्होंने जिन फिल्मों में काम किया उनमें दिल्लगी, छोटी सी बात, मुझसे शादी करोगी, इकबाल और 83 जैसी फिल्मों में काम किया.