डिंडौरी जिले में शुक्रवार शाम मौसम के अचानक बदले मिजाज के बाद ओलावृष्टि के साथ मूसलाधार बारिश हुई। शाम करीब 5:30 बजे शुरू हुआ बारिश और ओलों का दौर लगभग आधे घंटे तक जारी रहा, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। इस बेमौसम आपदा ने खेतों में पककर तैयार खड़ी गेहूं, चना और मसूर की फसलों के सामने संकट खड़ा कर दिया है। शहपुरा और बजाग विकासखंड में ओलावृष्टि शहपुरा विकासखंड के ढ़ोढ़ा और बजाग विकासखंड के गाड़ासरई क्षेत्र में चने के आकार के ओले गिरे। आधे घंटे की तेज बारिश के कारण गाड़ासरई कस्बे की सड़कों पर जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई। मौसम विभाग के अनुसार, शुक्रवार को जिले का अधिकतम तापमान 27 डिग्री और न्यूनतम तापमान 17 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। पककर तैयार फसलों को बचाने की जद्दोजहद किसान नकुल सिंह ने बताया कि खेतों में गेहूं, मटर और मसूर की फसलें पूरी तरह पक चुकी हैं। किसान अब पकी हुई फसलों की तत्काल कटाई और गहाई के लिए हार्वेस्टर का इंतजार कर रहे हैं। यदि बारिश का सिलसिला जारी रहता है, तो दानों के झड़ने और फसल के काले पड़ने से उत्पादन और गुणवत्ता पर बुरा असर पड़ेगा। रात भर ओलावृष्टि की आशंका शुक्रवार रात को भी आसमान में घने बादल छाए रहे, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है। ग्रामीणों को डर है कि यदि रात में दोबारा ओले गिरते हैं, तो रबी की फसलों को अपूरणीय क्षति हो सकती है। कृषि विभाग के अधिकारी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं ताकि प्रभावित क्षेत्रों में प्रारंभिक आकलन किया जा सके।
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