इंदौर में सात साल बाद कांग्रेस की शहर कार्यकारिणी का गठन हो गया है। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे की अगुवाई में यह नई टीम घोषित की गई है, जिसमें कुल 52 पदाधिकारियों को जगह दी गई है। यह संख्या पिछली महा-जंबो कार्यकारिणी (2019 में भंग हुई, जिसमें 400+ पदाधिकारी थे) से काफी कम रखी गई है। बाकलीवाल के बाद एक दिन के लिए अरविंद बागड़ी और फिर सुरजीत सिंह चड्ढा शहर अध्यक्ष बने, लेकिन इंदौर शहर कार्यकारिणी का गठन नहीं हुआ। अब चिंटू चौकसे के अध्यक्ष बनने के बाद कमेटी का गठन हुआ है। कांग्रेस कार्यकारिणी में शहर के पूर्व विधायकों व अन्य बड़े नेताओं के समर्थकों को जगह दी गई है। इस बार इस संख्या को काफी सीमित रखा गया है। कार्यकारिणी में कुल 52 पदाधिकारी हैं। इसमें कोषाध्यक्ष शैलेष गर्ग बने हैं। वहीं 10 उपाध्यक्ष, 18 महामंत्री, 19 सचिव, दो प्रवक्ता (लोकेश हार्डिया व दीपू चौहान) और दो सोशल मीडिया प्रभारी (नागेश जाधव व हितेश वर्मा) बने हैं। इधर, भाजपा शहर अध्यक्ष सुमित मिश्रा ने इस कमेटी पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि इंदौर, जो देवी अहिल्या के नाम से जानी जाती है, वहां कांग्रेस ने अपनी कार्यकारिणी में एक भी महिला को जगह नहीं दी। इससे कांग्रेस महिला-विरोधी साबित हुई है। मिश्रा ने आगे कहा, “लाड़ली बहना योजना का विरोध करते-करते कांग्रेस महिला-विरोधी बन गई है। प्रदेश की माताओं-बहनों को शराबी कहकर अपमानित करने वाली कांग्रेस को अपनी महिला इकाई भी भंग कर देनी चाहिए। मातृशक्ति का अपमान कांग्रेस की फितरत बन गई है।” यह है उपाध्यक्ष, महामंत्री और सचिव
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