हमीदिया में जिंदा नवजात को मृत बताने में हुई चूक: डॉक्टर ने स्वीकारी गलती; बोले- धीमी सांसों के चलते नहीं हो पाया सही आकलन – Bhopal News

हमीदिया में जिंदा नवजात को मृत बताने में हुई चूक:  डॉक्टर ने स्वीकारी गलती; बोले- धीमी सांसों के चलते नहीं हो पाया सही आकलन – Bhopal News




भोपाल के हमीदिया अस्पताल के गायनिक विभाग में एक गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। जहां जीवित नवजात को मृत घोषित कर दिया गया। इस मामले में संबंधित डॉक्टर की पहचान कर ली गई है और प्रारंभिक पूछताछ में उन्होंने अपनी गलती स्वीकार कर ली है। डॉक्टर के अनुसार, नवजात की हालत बेहद नाजुक थी और उसकी सांसें इतनी धीमी थीं कि सही तरीके से स्थिति का आकलन नहीं हो पाया। जांच के लिए बनी विशेषज्ञ टीम
अस्पताल प्रबंधन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विस्तृत जांच के आदेश दिए हैं। इसके लिए गायनिक और पीडियाट्रिक विभाग के डॉक्टरों की संयुक्त टीम गठित की गई है। जांच में यह देखा जाएगा कि मृत्यु घोषित करने से पहले निर्धारित मेडिकल प्रोटोकॉल का पालन क्यों नहीं किया गया। प्रोटोकॉल के तहत जरूरी होते हैं जीवन रक्षक प्रयास नियमों के अनुसार, किसी भी नवजात को मृत घोषित करने से पहले कम से कम 20 से 30 मिनट तक ईसीजी, सीपीआर और अन्य जीवन रक्षक प्रयास करना अनिवार्य होता है। इस संवेदनशील मामले में इन प्रक्रियाओं के पालन पर सवाल उठ रहे हैं। लापरवाही साबित होने पर होगी कड़ी कार्रवाई गायनिक विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. शबाना सुल्तान ने कहा है कि यदि जांच में गंभीर लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि हमीदिया अस्पताल में रोजाना 30 से 40 डिलीवरी होती हैं, लेकिन इस तरह का मामला पहली बार सामने आया है। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… नवजात की सांसें चल रही थीं, दे दिया डेथ सर्टिफिकेट भोपाल के हमीदिया अस्पताल में एक नवजात को मृत घोषित किए जाने के चार घंटे बाद उसकी सांसें चलने का दावा किया गया है। नवजात के पिता का कहना है कि उन्हें मृत्यु प्रमाण पत्र दे दिया गया था, लेकिन जब शव लेने एनआईसीयू पहुंचे तो बच्ची में हरकत दिखाई दी। उन्होंने इसका वीडियो भी बनाया है।



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