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Harvester Combine Machine: हार्वेस्टर कंबाइन मशीन किसानों के लिए राहत साबित हो रही है. यह मशीन एक एकड़ की कटाई करीब 1500 रुपये में महज आधे घंटे में पूरी कर देती है, यानी एक घंटे में दो एकड़ फसल कट जाती है. इसकी तेज रफ्तार और दक्षता से किसानों की परेशानी कम हुई है. खास बात यह है कि इससे गेहूं के साथ चना, मसूर और धान की कटाई भी आसानी से की जा सकती है.
Harvester Combine Machine: मध्य प्रदेश के सीधी जिले में इन दिनों गेहूं की कटाई पूरे जोर-शोर से चल रही है. खेतों में आधुनिक तकनीक की एंट्री ने खेती के पारंपरिक तरीकों को तेजी से बदल दिया है. जहां पहले कटाई के लिए मजदूरों पर निर्भरता रहती थी, वहीं अब किसान बड़ी संख्या में मशीनों का इस्तेमाल कर रहे हैं. मजदूरों की कमी और बढ़ती लागत के चलते किसानों के लिए यह बदलाव काफी राहत भरा साबित हो रहा है. पहले के समय में जब मजदूरों के जरिए गेहूं की कटाई की जाती थी, तब एक एकड़ फसल काटने में कई दिन लग जाते थे. इसमें मेहनत भी अधिक लगती थी और खर्च भी ज्यादा आता था. लेकिन अब हार्वेस्टर कंबाइन मशीनों के उपयोग से यही काम महज 30 मिनट में पूरा हो रहा है. इससे किसानों का समय बच रहा है और वे कम मेहनत में ज्यादा काम कर पा रहे हैं.
सीधी जिले के चोरहटा निवासी किसान गंगा कुशवाहा ने बताया कि उन्होंने इस बार 15 एकड़ में गेहूं की फसल बोई है. वे पिछले कई वर्षों से खेती कर रहे हैं और इस बार उन्होंने पूरी तरह से मशीनों पर भरोसा किया है. उनके खेत में चल रही हार्वेस्टर कंबाइन मशीन कटाई के साथ-साथ दाने अलग करने और भूसे को इकट्ठा करने का काम भी एक साथ कर रही है. उन्होंने बताया कि मशीन खेत में आगे बढ़ते हुए सामने लगे कटर से फसल काटती है, फिर अंदर ही दाने और भूसे को अलग कर देती है. साफ गेहूं सीधे ट्रॉली में भर जाता है, जबकि भूसा नीचे गिरकर बाद में ट्रैक्टर में भर लिया जाता है. इस पूरी प्रक्रिया में किसान को अलग से कोई मेहनत नहीं करनी पड़ती, जिससे काम बेहद आसान हो गया है.
किसानों के लिए फायदेमंद
आर्थिक दृष्टि से भी यह तकनीक किसानों के लिए फायदेमंद साबित हो रही है. हार्वेस्टर कंबाइन मशीन से एक एकड़ गेहूं की कटाई का किराया लगभग 1500 रुपये है, जो मजदूरों की तुलना में काफी कम है. साथ ही, मशीन से कटाई होने पर फसल को भी नुकसान नहीं पहुंचता और अनाज साफ-सुथरी स्थिति में मंडी तक पहुंचता है.
मध्य प्रदेश में रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं का समर्थन मूल्य 2,585 रुपये प्रति क्विंटल है. राज्य सरकार की ओर से 40 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस भी दिया जा रहा है, जिससे किसानों को कुल 2,625 रुपये प्रति क्विंटल का लाभ मिल रहा है. गेहूं उपार्जन के लिए 7 फरवरी 2026 से पंजीयन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, जबकि सरकारी खरीद 7 अप्रैल से प्रारंभ होगी. ऐसे में किसान आधुनिक तकनीक और बेहतर कीमत के सहारे अच्छी आमदनी की उम्मीद कर रहे हैं.
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Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें