बालाघाट जिले के लालबर्रा वन परिक्षेत्र में एक बाघ ने ग्रामीण पर हमला कर उसे अपना शिकार बना लिया। आदमखोर बाघ ने मृतक के शरीर के पेट से नीचे का पूरा हिस्सा खा लिया। मृतक की पहचान बरघाट क्षेत्र के ग्राम अंचीवाड़ा निवासी अशोक उईके के रूप में हुई है, जो शुक्रवार को जंगल में महुआ चुनने गया था। नाले के पास मिला क्षत-विक्षत शव अशोक उईके शुक्रवार को घर से वन विकास निगम के कक्ष क्रमांक 426 में महुआ चुनने निकला था, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटा। परिजनों और ग्रामीणों ने जब जंगल में तलाश शुरू की, तो एक महुआ के पेड़ के नीचे उसका थैला, चप्पल और खून से सना गमछा मिला। आगे बढ़ने पर नाले के पास अशोक का क्षत-विक्षत शव बरामद हुआ। ग्रामीणों ने जंगली जानवरों के डर के बीच रात भर शव की रखवाली की। रेस्क्यू टीम पर बाघ ने दो बार किया हमला शनिवार सुबह जब पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और पंचनामा की कार्रवाई शुरू की, तो पास की झाड़ियों में छिपे बाघ ने दो बार टीम और ग्रामीणों पर हमले का प्रयास किया। इसके बाद वनकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद शव को सुरक्षित जंगल से बाहर निकाला गया। आशंका जताई जा रही है कि यह बाघ सोनेवानी अभ्यारण्य से भटक कर यहां पहुंचा है। परिजनों को देंगे 8 लाख की सहायता राशि वन विकास निगम के सहायक परिक्षेत्र अधिकारी अनिल चौधरी ने बताया कि मृतक के परिवार को अंतिम संस्कार के लिए तत्काल 20 हजार रुपए की सहायता राशि प्रदान की गई है। इसके बाद शासन के नियमानुसार, जांच प्रक्रिया पूरी होने के बाद पीड़ित परिवार को कुल 8 लाख रुपए की राहत राशि दी जाएगी। शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है और वन विभाग की टीम क्षेत्र में गश्त कर रही है।
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