बालाघाट के गर्रा चौक पर सरकारी जमीन पर बने मंदिर के ढांचे को गिराने और दुर्गा प्रतिमा हटाने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने सरपंच संघ के अध्यक्ष वैभव सिंह बिसेन और उनके भाई विशाल बिसेन सहित अन्य लोगों पर सरकारी काम में बाधा डालने का केस दर्ज किया है। चैत्र नवरात्र के दौरान गर्रा चौक पर एक निर्माणाधीन ढांचे में देवी प्रतिमाओं की स्थापना की गई थी, जिसके बाद इलाके में तनाव फैल गया था। प्रशासन और पुलिस ने दखल देकर देर रात इन प्रतिमाओं को वहां से हटा दिया था। पुलिस अधीक्षक (SP) आदित्य मिश्रा के मुताबिक, जिस जमीन पर मंदिर का ढांचा खड़ा किया गया था, वह असल में सड़क चौड़ीकरण के लिए आरक्षित सरकारी जमीन है। पुलिस का कहना है कि वहां शॉपिंग कॉम्प्लेक्स जैसा ढांचा बनाकर उसे मंदिर का रूप देने की कोशिश की जा रही थी, ताकि धार्मिक भावनाओं की आड़ में जमीन पर कब्जा किया जा सके। बिसेन भाइयों का पक्ष आरोपी बनाए गए वैभव सिंह बिसेन ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है। उनका कहना है कि उस जगह पर दशकों से मां दुर्गा की पूजा होती आ रही है और ग्रामीणों ने मिलकर मंदिर बनवाया था। उन्होंने कहा कि उन्होंने सिर्फ अपने धर्म को बचाने का काम किया है। वहीं, विशाल बिसेन ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि उन्होंने तो प्रशासन का सहयोग किया था। उन्होंने इसे कानून का गलत इस्तेमाल बताया और कहा कि सहयोग करने के बदले केस दर्ज करना उन्हें परेशान करने की साजिश है। पुलिस की जांच जारी एसपी ने साफ किया है कि सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण और लोगों को उकसाने के आरोप में यह मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल पुलिस प्रतिमा स्थापना और इस पूरे घटनाक्रम की गहराई से जांच कर रही है।
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