बालाघाट में सहकारी कर्मचारियों ने अपनी रुकी हुई मांगों और समस्याओं को लेकर शनिवार को एक सम्मेलन किया। इस दौरान कर्मचारियों का सस्पेंशन खत्म करने और सोसायटियों में रखे धान को गोदामों तक पहुंचाने जैसी मुख्य मांगें जोर-शोर से उठाई गईं। सहकारी कर्मचारी महासंघ के बैनर तले हुए इस सम्मेलन में जिले भर से 100 से ज्यादा कर्मचारी शामिल हुए। बैठक में दो कर्मचारियों के निलंबन, धान के उठाव में हो रही देरी, कम वेतन और दूसरी बड़ी दिक्कतों पर विस्तार से चर्चा की गई। निलंबन रद्द करने की मांग महासंघ के अध्यक्ष पी.सी. चौहान ने बताया कि सरकारी निर्देशों के मुताबिक धान खरीदी का अच्छा काम करने के बावजूद लालबर्रा और डोंगरमाली के दो कर्मचारियों को सस्पेंड कर दिया गया है। यूनियन ने प्रशासन से मांग की है कि इन कर्मचारियों का निलंबन तुरंत वापस लिया जाए। धान की बर्बादी और शॉर्टेज का डर चौहान ने यह मुद्दा भी उठाया कि खरीदी के वक्त छोटे बारदाने मिलने की वजह से बहुत सारा धान खुले में पड़ा है। उन्होंने साफ चेतावनी दी कि अगर धान का समय पर उठाव नहीं होता और धूप में सूखकर वजन कम होता है, तो इसके लिए कर्मचारियों को जिम्मेदार मानकर उन पर कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संगठन की मजबूती पर जोर सम्मेलन के अंत में उन्होंने सभी साथियों से अपील की कि वे अपने हक और अधिकारों की लड़ाई के लिए संगठन के साथ एकजुट रहें। उनका कहना था कि एकता के दम पर ही प्रशासन के सामने अपनी बात मजबूती से रखी जा सकती है।
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