भोपाल1 घंटे पहले
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भोपाल स्थित मौलाना आजाद राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान में विश्व जल दिवस के अवसर पर 22 मार्च को ‘जल पर चर्चा’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस आयोजन में “विकसित भारत 2047 एवं जल प्रबंधन” विषय पर विशेषज्ञ, शोधार्थी और छात्र विचार-विमर्श करेंगे। कार्यक्रम का मुख्य संदेश “Where Water Flows, Equality Grows” रखा गया है, जिसके तहत जल संसाधनों के समान वितरण और सतत प्रबंधन पर फोकस रहेगा। आयोजन का उद्देश्य जल संकट, भूजल गिरावट और भविष्य की चुनौतियों को लेकर जागरूकता बढ़ाना है, ताकि समाज में जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाया जा सके।
कार्यक्रम का आयोजन मैनिट भोपाल के जनपद अभियांत्रिकी विभाग कर रहा है। इसमें जल संसाधनों के बेहतर उपयोग, संरक्षण और समान वितरण जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। विशेषज्ञों का मानना है कि जल प्रबंधन केवल तकनीकी विषय नहीं, बल्कि सामाजिक समानता से भी जुड़ा हुआ है।
ये रहेंगे मुख्य अतिथि और वक्ता
कार्यक्रम के उद्घाटन सत्र में संस्थान के निदेशक डॉ. करुणेश कुमार शुक्ल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। वहीं केंद्रीय जल आयोग भोपाल के डायरेक्टर एम. डब्ल्यू. पौनिकर, डीन डॉ. आर. एन. यादव और केंद्रीय भूजल बोर्ड के पूर्व क्षेत्रीय निदेशक डॉ. सुभाष सिंह विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. एम. एस. चौहान करेंगे।

छात्रों और शोधार्थियों के लिए महत्वपूर्ण मंच
कार्यक्रम के संयोजक डॉ. एच. एल. तिवारी के अनुसार, इस आयोजन का उद्देश्य छात्रों, शोधार्थियों और विशेषज्ञों के बीच संवाद स्थापित करना है। इससे नई पीढ़ी को जल संरक्षण और प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जा सकेगा।
विशेषज्ञों ने बताया कि वर्तमान समय में जल संकट, भूजल स्तर में गिरावट और असमान जल वितरण गंभीर समस्या बनते जा रहे हैं। ऐसे में जल संरक्षण को प्राथमिकता देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जल तक समान पहुंच सुनिश्चित होने पर ही समाज में वास्तविक समानता और सतत विकास संभव हो सकेगा।
जनभागीदारी से बनेगा समाधान
कार्यक्रम के माध्यम से लोगों से अपील की गई है कि वे जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाएं। संस्थान के छात्रों, शोधार्थियों और फैकल्टी से कार्यक्रम में अधिक से अधिक भागीदारी करने का आह्वान किया गया है, ताकि इस पहल को सफल बनाया जा सके।
