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मध्यप्रदेश सरकार ने हवाई सफर को लेकर बड़ा फैसला लिया है. सरकार ने करीब 250 करोड़ रुपए की लागत से नया जेट विमान खरीदा है. यह विमान जल्द ही राज्य को मिल जाएगा. फिलहाल यह कनाडा में तैयार किया जा रहा है और डिलीवरी से पहले इसकी तकनीकी जांच की जाएगी. सरकार ने इसके लिए एक विशेषज्ञ समिति भी गठित कर दी है, जो विमान की गुणवत्ता और सुरक्षा की जांच करेगी. अभी तक राज्य सरकार के पास खुद का कोई विमान नहीं है. मुख्यमंत्री और अन्य अधिकारियों के दौरे के लिए किराए के विमान का उपयोग किया जाता है. इससे हर महीने लाखों रुपए खर्च होते हैं. नए जेट के आने से यह खर्च काफी हद तक कम हो जाएगा. अधिकारियों के मुताबिक यह निर्णय लंबे समय से लंबित था और अब इसे अंतिम रूप दिया गया है. यह अत्याधुनिक जेट विमान एक बार में करीब 3500 किलोमीटर की दूरी तय कर सकता है. इसकी अधिकतम रफ्तार लगभग 870 किमी प्रति घंटा बताई जा रही है. विमान में 8 से 10 यात्री आराम से सफर कर सकेंगे. इसके अलावा दो कैबिन क्रू की भी व्यवस्था होगी. विमान की डिलीवरी से पहले तकनीकी जांच के लिए पायलट और इंजीनियरों की टीम जून में कनाडा जाएगी. इस प्रक्रिया पर करीब 50 लाख रुपए खर्च होंगे. विशेषज्ञों का कहना है कि यह विमान सरकारी उपयोग के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा और समय व संसाधनों की बचत करेगा.
एमपी के सीएम जल्द ही नए विमान से यात्रा करेंगे और यह कनाडा से भोपाल आने वाला है. आधुनिक सुविधाओं से लैस इस जेट विमान को खरीद लिया गया है. मध्य प्रदेश सरकार का यह कदम भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर लिया गया है. इससे प्रशासनिक दक्षता के साथ-साथ खर्च में भी संतुलन आएगा. अभी विमान नहीं होने के कारण सीएम मोहन यादव की हवाई यात्राओं पर लाखों रुपए खर्च किए जा रहे हैं.
विमान में 8 से 10 यात्रियों के बैठने की सुविधा है. साथ ही दो कैबिन क्रू भी रहेंगे. यह इसे छोटे लेकिन प्रभावी सरकारी उपयोग के लिए उपयुक्त बनाता है. बाम्बार्डियर कंपनी का नया जेट विमान (चैलेंजर 3500) लगभग तैयार है. जून 2026 के अंत तक सरकार को सौंप दिया जाएगा. इससे पहले इसकी जांच और ट्रायल पर काम हो रहा है. कंपनी का दावा है कि इससे तेज और आरामदायक यात्रा होगी.
कनाडा में तैयार हो रहा यह विमान अब अंतिम चरण में है. डिलीवरी से पहले तकनीकी जांच की प्रक्रिया पूरी की जाएगी. इसके लिए विशेषज्ञों की टीम विदेश जाएगी. विमान की जांच टीम में विमानन विभाग में पदस्थ पायलट विश्वास राय, तकनीकी विशेषज्ञ जेपी शर्मा और रश्मि सिंह शामिल हैं. जांच में 50 लाख से अधिक खर्च होगा.
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250 करोड़ की लागत वाला यह जेट विमान अत्याधुनिक तकनीक से लैस है. इसमें लंबी दूरी की उड़ान की क्षमता है. इससे राज्य सरकार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेज यात्रा कर सकेगी. इस विमान में कई खूबियां हैं. इस विमान के आ जाने के बाद सीएम और अन्य प्रशासनिक अफसर तेज गति से अपनी हवाई यात्रा कर सकेंगे.
सरकार के पास अभी खुद का विमान नहीं है. हर दौरे के लिए किराए पर विमान लेना पड़ता है. इस पर हर महीने लाखों रुपए खर्च होते हैं. नया जेट इस खर्च को कम करेगा. सरकार का कहना है कि विमानन विभाग के पास अपना जेट होने से कई प्रकार के काम शुरू हो सकेंगे. इस विमान से सरकार देश विदेश में आसानी से यात्रा कर सकेगी.
विशेषज्ञों के अनुसार यह विमान 3500 किमी तक बिना रुके उड़ान भर सकता है. इससे लंबी दूरी की यात्रा आसान होगी. जून 2026 तक डिलीवरी मिलने की संभावना है. इसके बाद यह सीधे भोपाल लाया जाएगा. अभी कई स्तरों पर इसकी जांच, सुरक्षा पर चेकिंग हो रही है. कनाडा की कंपनी ने इसके लिए कई दावे किए हैं.
तकनीकी जांच के लिए बनाई गई टीम में अनुभवी पायलट और इंजीनियर शामिल हैं. यह सुनिश्चित करेंगे कि विमान पूरी तरह सुरक्षित और मानकों के अनुरूप हो. यह जेट विमान सरकार के लिए केवल सुविधा नहीं बल्कि रणनीतिक जरूरत भी है. इससे आपातकालीन स्थितियों में तेज प्रतिक्रिया संभव होगी.
तकनीकी जांच के लिए बनाई गई टीम में अनुभवी पायलट और इंजीनियर शामिल हैं. यह सुनिश्चित करेंगे कि विमान पूरी तरह सुरक्षित और मानकों के अनुरूप हो. यह जेट विमान सरकार के लिए केवल सुविधा नहीं बल्कि रणनीतिक जरूरत भी है. इससे आपातकालीन स्थितियों में तेज प्रतिक्रिया संभव होगी.
कनाडा में सरकार का नया विमान लगभग तैयार हो चुका है. भोपाल लाने के पहले इसका परीक्षण किया जाएगा. इसके लिए पायलट व दो इंजीनियर जून में कनाडा जाएंगे. विमान की जांच के ही इस काम में 50 लाख रुपए लगेंगे. अभी सरकार के पास खुद का विमान नहीं है. जरूरत के वक्त राज्य सरकार द्वारा किराए से विमान लिए जा रहे हैं.