छतरपुर पुलिस ने रविवार को ऑनलाइन ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में एक कियोस्क संचालक को गिरफ्तार किया गया है, जिसके पास से लैपटॉप, मोबाइल, एटीएम किट, सिम कार्ड और बैंक खातों से जुड़े दस्तावेज जब्त किए गए हैं। पुलिस ने सलमान राइन सहित कुल पांच आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। पुलिस को रात्रि पेट्रोलिंग के दौरान पन्ना रोड स्थित हेलीपैड ग्राउंड में एक व्यक्ति द्वारा ‘म्यूल बैंक अकाउंट’ बेचने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने संदिग्ध व्यक्ति की तलाशी ली। उसके बैग से दो लैपटॉप, चार एंड्रॉइड मोबाइल, चार एटीएम किट, कई सिम कार्ड और एक अकाउंट ओपनिंग रजिस्टर बरामद हुआ। 2 लाख रुपए की सामग्री जब्त
जांच में पता चला कि रजिस्टर में दर्ज कई बैंक खातों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर पोर्टल पर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज हैं। जब्त की गई सामग्री की अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख रुपए है। पूछताछ के दौरान, गिरफ्तार आरोपी ने स्वीकार किया कि वह कियोस्क संचालक के रूप में फर्जी या संदिग्ध बैंक खाते खोलता था। इन खातों से संबंधित एटीएम किट और सिम कार्ड वह गिरोह के अन्य सदस्यों को उपलब्ध कराता था, जिनका उपयोग ऑनलाइन ठगी के लिए किया जाता था। पांच आरोपियों पर केस, एक अरेस्ट
गिरफ्तार आरोपी की पहचान छतरपुर निवासी प्रकाश चंद्र विश्वकर्मा के रूप में हुई है। इस मामले में सलमान राइन, प्रथम चौरसिया, ऋषि चौरसिया और सुरेश प्रजापति के खिलाफ भी भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि इस गिरोह से जुड़े अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है और मामले की गहन विवेचना की जा रही है। इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पटेल और नगर पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सोनी के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी सतीश सिंह सहित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
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