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Mahakal Mandir News: महाकालेश्वर मंदिर स्थित महानिर्वाणी अखाड़े के महंत गादीपति विनीत गिरि महाराज के इस्तीफे को लेकर चल रही चर्चाओं में अब नया मोड़ आ गया है. महंत विनीत गिरि ने साफ किया कि उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया, बल्कि केवल पेशकश की थी. जानें पूरा मामला…
Ujjain News: महाकाल की नगरी उज्जैन में इन दिनों महानिर्वाणी अखाड़े को लेकर चल रही हलचल ने सभी का ध्यान खींच लिया है. महंत गादीपति विनीत गिरि महाराज के इस्तीफे की खबर जैसे ही सामने आई, चर्चाओं का दौर तेज हो गया. लेकिन, इस पूरे घटनाक्रम ने तब नया मोड़ ले लिया, जब स्वयं विनीत गिरि महाराज ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इस्तीफा नहीं दिया, बल्कि केवल इसकी पेशकश की थी.
पिछले तीन दिनों से जारी असमंजस के बीच महानिर्वाणी अखाड़े के सचिव रविंद्र पुरी महाराज और अन्य संत उज्जैन पहुंचे. संतों की बैठक में गहन चर्चा के बाद यह निर्णय लिया गया कि विनीत गिरि महाराज का इस्तीफा स्वीकार नहीं किया जाएगा. साथ ही यह भी साफ कर दिया गया कि आगामी कुंभ तक वे महंत पद की जिम्मेदारी संभालते रहेंगे.
स्वास्थ्य कारणों का हवाला देकर चर्चा में आए विनीत गिरि महाराज ने संतों के साथ संवाद के बाद स्थिति स्पष्ट की. इसके पश्चात वे प्रशासनिक अधिकारियों से भी मिले और बड़नगर रोड पर बन रहे नए अखाड़े के निर्माण कार्य का निरीक्षण किया. इस पूरे घटनाक्रम ने न सिर्फ संत समाज बल्कि श्रद्धालुओं के बीच भी नई उत्सुकता पैदा कर दी है.
धार्मिक यात्राओं पर उज्जैन पहुंचे बड़े संत
महंत पद को लेकर उठे विवाद के बीच स्थिति तब साफ हुई, जब रविंद्र पुरी महाराज ने मीडिया से बातचीत में पूरी तस्वीर सामने रखी. उन्होंने बताया कि महंत विनीत गिरि महाराज ने अपने स्वास्थ्य कारणों के चलते महानिर्वाणी अखाड़े के पंच परमेश्वर के सामने इस्तीफे की केवल प्रार्थना रखी थी. इस पर अखाड़े ने गंभीरता से विचार किया. इसी दौरान धार्मिक यात्राओं और यज्ञ कार्यक्रमों के चलते उनका उज्जैन आना-जाना हुआ, जहां उन्होंने हालात का बारीकी से निरीक्षण किया. सब कुछ सामान्य और संतोषजनक पाए जाने के बाद अखाड़े ने फैसला लिया कि विनीत गिरि महाराज ही महंत पद पर बने रहेंगे. इतना ही नहीं, आगामी कुंभ भी उनके सानिध्य में ही संपन्न होगा.
ऐसे मारा यू-टर्न
महानिर्वाणी अखाड़े के महंत गादीपति विनीत गिरि महाराज के इस्तीफे को लेकर घटनाक्रम किसी कहानी से कम नहीं रहा. पहले उन्होंने खुद आगे आकर कहा कि अस्वस्थता के कारण उन्होंने अखाड़े को अपना इस्तीफा भेज दिया है. इस खबर से हलचल मच गई, लेकिन अखाड़े की ओर से कोई फैसला सामने नहीं आया. समय बीतता गया और मामला अधर में लटका रहा. फिर अचानक शनिवार को नया मोड़ आया, जब विनीत गिरि ने अपने ही बयान से यू-टर्न लेते हुए साफ कर दिया कि उन्होंने इस्तीफा दिया ही नहीं, बल्कि केवल प्रस्ताव रखा था. इससे पूरे मामले ने फिर से तूल पकड़ लिया.
कब से संभाल रहे जिम्मेदारी
विनीत गिरि महाराज उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर मंदिर परिसर में स्थित महानिर्वाणी अखाड़े के वर्तमान महंत गादीपति हैं. वे महाकाल की भस्म आरती में बाबा महाकाल को भस्म अर्पित करने की मुख्य जिम्मेदारी निभाते हैं. उन्होंने लगभग 2020 में यह पद संभाला था और फिलहाल अखाड़ा परिषद ने उनके इस्तीफे की पेशकश को अस्वीकार करते हुए उन्हें पद पर बने रहने का निर्णय लिया है.
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एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें