रिपोर्ट: मिथिलेश गुप्ता
Indore News: इंदौर के दर्दनाक ईवी अग्निकांड में एक और सनसनीखेज वाकया सामने आया है. एक ही परिवार के 8 लोगों की मौत में शामिल मासूम तनय का पूरा शव पोस्टमार्टम के लिए नहीं पहुंचा. पोस्टमार्टम के दौरान इस बात की जानकारी से हड़कंप मच गया. तनय के शव के साथ फोम के टुकड़े मिले हैं.
इंदौर के कनाडिया रोड स्थित बृजेश्वरी एनएक्स कॉलोनी में 18 मार्च को हुए भीषण अग्निकांड ने पूरे शहर को झकझोर दिया है. इस दर्दनाक हादसे में घर के मालिक मनोज पुगलिया, उनकी बड़ी बहू सिमरन समेत कुल आठ लोगों की मौत हो गई है. मरने वालों में दो मासूम बच्चे भी थे. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सभी की मौत जलने और दम घुटने से होने की पुष्टि हुई है.
फोम को समझा शव…
दरअसल, 6 वर्षीय तनय जैन की मौत ने हादसे और भी दिलदहला देने वाला बना दिया है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ. तनय का पूरा शव मौके से बरामद ही नहीं हो पाया. रेस्क्यू टीम को घटनास्थल से कुछ फोम के टुकड़े मिले, जिन्हें शव के अवशेष समझकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया था.
केवल एक पैर मिला
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के पांच दिन बाद भी बच्चे का सिर और धड़ नहीं मिल पाया है. पुलिस जिस सामग्री को शव समझकर पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल ले गई थी, उसमें बच्चे का केवल एक पैर ही मिला. इसके बाद अब फॉरेंसिक टीम फिर से घटनास्थल पर पहुंची और बच्चे के शरीर के बाकी हिस्सों की तलाश कर रही है.
शायद आग में जल गया…
थाना प्रभारी मनीष लोधा के मुताबिक, आशंका है कि आग की भीषणता के चलते तनय के शव के अवशेष जलकर नष्ट हो गए. वहीं, 18 मार्च को हुई इस घटना के बाद पुलिस और रेस्क्यू टीम ने लगातार दो दिनों तक घर की सघन जांच की, लेकिन किसी अन्य शव का कोई भी अवशेष नहीं मिला.
मृतकों के नाम
दर्दनाक हादसे में एक ही परिवार के 8 सदस्यों की जिंदा जलकर मौत हो गई. मृतकों में रबर कारोबारी मनोज पुगलिया (65), उनकी बहू सिमरन पुगलिया (30, गर्भवती), और बिहार के किशनगंज से इलाज के सिलसिले में आए रिश्तेदार विजय सेठिया (65), उनकी पत्नी सुमन सेठिया (60), बेटी रुचिका उर्फ टीनू (35), पोती राशि सेठिया (11-12), पोता तनय जैन (6-8 वर्ष) और भतीजा छोटू/कार्तिक सेठिया (20-22) शामिल हैं.
ऐसे हुआ था हादसा
हादसा इलेक्ट्रिक वाहन (EV) की चार्जिंग के दौरान चार्जिंग पॉइंट में शॉर्ट सर्किट से शुरू हुआ, जिससे कार में आग लगी और वह तेजी से घर में फैल गई. घर में मौजूद गैस सिलेंडरों के फटने से आग और भयावह हो गई. आग इतनी तेज थी कि कई लोग बालकनी या छत की ओर भागे, लेकिन धुआं और लपटों ने उन्हें फंसा लिया. पड़ोसियों ने 3-4 लोगों को बचाया, लेकिन बाकी अंदर ही दम घुटने और जलने से मारे गए.