ग्वालियर माइनिंग विभाग का एक बड़ा कारनामा अब लोकायुक्त जांच के दायरे में आ गया है। नवंबर 2024 की एक घटना जिसमें अवैध गिट्टी परिवहन से जुड़े मामले की शिकायत 25 दिन पहले लोकायुक्त ग्वालियर को की गई थी। शिकायत में सहायक खनिज अधिकारी घनश्याम यादव पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पूरा मामला अवैध उत्खनन और फर्जी रॉयल्टी से जुड़ा है। जिसकी जांच शुरू हो गई है। सोमवार (23 मार्च) को इस मामले में लोकायुक्त के अफसरों के सामने शिकायतकर्ता के बयान रिकॉर्ड किए जाएंगे। खनिज विभाग के बड़े फर्जीवाड़ा में अब सहायक खनिज अधिकार घिरते नजर आ रहे हैं। 07 मिनट में तैयार हो गई थी जब्त डंपर की रॉयल्टी
असल में यह पूरा मामला जानने के लिए आपको 11 अक्टूबर 2024 तक जाना पड़ेगा। 11 अक्टूबर 2024 को ग्वालियर के बिलौआ थाना क्षेत्र में पुलिस और प्रशासन ने डंपर नंबर RJ 11 GC-5672 को अवैध गिट्टी परिवहन करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया था। शाम 06:58 बजे डंपर को पकड़ कर बिलौआ थाने के रोजनामचे में दर्ज किया गया था। इसी शाम शाम 07:10 बजे सिर्फ 12 मिनट के भीतर एक रॉयल्टी रसीद पेश कर जब्त डंपरों को छोड़ दिया गया था। उस समय काफी तूल पकड़ा था और कलेक्टर ग्वालियर ने जांच भी कराई थी, लेकिन जांच कैसे हुई और क्या हुआ किसी को नहीं बताया गया और उस समय के सहायक खनिज अधिकारी वर्तमान में प्रभारी जिला खनिज अधिकारी घनश्याम यादव को पाक साफ बता दिया गया था। जबकि प्रारंभिक जांच में ही पूरा खेल अवैध गिट्टी परिवहन व फर्जी रॉयल्टी का था।
क्या कहता है नियम
जब नियम यह कहता है कि रॉयल्टी प्लांट से माल लोड होते समय कटनी चाहिए, तो थाने में खड़े डंपर की रॉयल्टी 11 अक्टूबर 2024 की शाम 7:10 पर कैसे कट गई, जबकि डंपर शाम 6.58 बजे बिलौआ थाना के रोजनामचे में जब्ती में दर्ज हो गया था। यह गलत इसलिए है कि प्लांट (क्रसर) पर डंपर भरने के बाद रोड पर तभी आएगा जब उसके पास रॉयल्टी होगी। यदि रॉयल्टी नहीं है और रोड पर आ गया तो वह अवैध परिवहन की श्रेणी में आता है।
यह की गई है शिकायत
लोकायुक्त में माइनिंग विभाग के प्रभारी जिला खनिज अधिकारी घनश्याम यादव के खिलाफ अभिषेक सिंह सिकरवार ने शिकायत की है। शिकायत में यह सात मिनट में डंपर हवाला कांड का जिक्र तो किया है। साथ ही यह भी बताया गया है कि यह तो वह एक खेल है जो पकड़ में आ गया है। इस तरह से हजारांे डंपर अवैध गिट्टी का परिवहन कर लाखों और करोड़ों रुपए का चूना शासन को लगाया है। भ्रष्टाचार से आय से अधिक संपत्ति अर्जित की है। जिसकी पारदर्शिता के साथ जांच की जाए।
23 मार्च को होने हैं बयान
इस मामले में शिकायतकर्ता अभिषेक सिंह सिकरवार पहले ही लोकायुक्त पुलिस के पास सभी दस्तावेज उपलब्ध करा चुका है। 23 मार्च सोमवार को शिकायत करने वाले के बयान लोकायुक्त में होने हैं। शिकयत करने वाले अभिषेक का कहना है कि उनके पास खनिज विभाग में चल रहे फर्जीवाड़े के पर्याप्त सबूत हैं, जिसे वह सभी के सामने लाएंगे।
एसपी लोकायुक्त निरंजन शर्मा का कहना है कि शिकायत आई है। अभी मैं, बाहर हूं लौटकर इस मामले में क्या अपडेट है उस संबंध में बता पाऊंगा। फिलहाल मामला जांच में हैं।
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