Sagar News: 21 मार्च को सागर में एक अनोखी शादी हुई. इस शादी ने पूरे शहर में ‘वीगन’ की चर्चा छेड़ दी. लोग जानने की कोशिश करने लगे वीगन कौन हैं? या वीगन क्या होता है? बताया जा रहा कि यह शादी जिले की पहली ‘वीगन शादी’ है. इसमें दूल्हा-दुल्हन ने मेकअप से लेकर खाने-पीने तक में पशु आधारित किसी भी तरह के प्रोडक्ट का इस्तेमाल नहीं किया है. मेहमानों के लिए भी ऐसी ही व्यवस्था थी बल्कि उनकी जगह पर वानस्पतिक उत्पाद इसमें शामिल रहे.
इस वीगन शादी का उद्देश्य एक संदेश देना था कि इंसान अपनी खुशी के लिए किसी भी तरह की पशु क्रूरता न करे. इसलिए इस शादी में दूध पनीर, दही, हनी, घी जैसी चीजों की जगह पर काजू, बादाम, नारियल, सोया, टोफू जैसी सामग्री के विकल्प का इस्तेमाल हुआ. इतना ही नहीं, दूल्हा घोड़ी पर नहीं चढ़ा, ना ही चमड़े के जूते पहने. रेशम के कपड़े से भी परहेज किया ताकि किसी भी तरह के कीड़े-मकोड़ा या पशु को नुकसान न पहुंचे.
सागर में आयोजित पहली वीगन शादी में टीकमगढ़ के जैन परिवार और सागर के जैन परिवार ने मिलकर ‘अहिंसा परमो धर्म’ का संदेश दिया. इसमें दूल्हा घोड़ी चढ़कर नहीं आया, विंटेज कर में बारात लेकर आया था. दूल्हा और दुल्हन दोनों ने रेशम के वस्त्र नहीं पहने. उनकी जगह पर आर्टिफिशियल कपड़ों की खरीदारी की गई थी. पांव में जूती भी चमड़े की नहीं थी, जो मेहमान शादी में आए थे उनके लिए गाय के घी की जगह नारियल और बादाम का घी था. आइसक्रीम में काजू शिवानी आइसक्रीम थी. दूध की जगह बादाम का दूध था. पनीर की जगह सोया का इस्तेमाल हुआ था. इसके अलावा यहां पर जो सब्जी और अन्य रेसिपी थी, उनमें लहसुन-प्याज जैसी चीजों का भी इस्तेमाल नहीं हुआ था.
अहिंसा से नए जीवन की शुरुआत
बता दें कि दुल्हन डॉ. नैंसी चौधरी 8 साल से डेरी प्रोडक्ट का इस्तेमाल पूरी तरह से बंद कर चुकी हैं. वह केवल फल-सब्जी, ड्राई फूड यानी वनस्पति वाली चीजों का इस्तेमाल करती हैं. इसी तरह दूल्हा इंजीनियर हिमांशु भी डेढ़ साल से यही आहार अपनाए हुए हैं. दोनों ही वीगन हैं. दोनों ने ये निर्णय लिया कि वह अपने नए जीवन की शुरुआत अहिंसा से करेंगे. वहीं नितिन जैन ने बताया कि परिवार का कहना है कि आज के समय में जब पर्यावरण संरक्षण और जीव दया की बात हो रही है, तब शादी जैसे सामाजिक आयोजन में भी इसे अपनाना जरूरी है. इस पहल से न केवल पशु क्रूरता रुकेगी. समाज के लोगों ने भी इस निर्णय की सराहना की है.
क्या है वीगन जीवनशैली?
वीगन एक ऐसी जीवनशैली और आहार है, जिसमें पशु-आधारित किसी भी उत्पाद का उपयोग नहीं किया जाता है. वीगन लोग मांस, मछली के अलावा दूध, दही, पनीर, घी, मक्खन, शहद और चमड़े जैसी पशु-जनित वस्तुओं से परहेज करते हैं और केवल पौधों से मिलने वाले खाद्य पदार्थ जैसे फल, सब्जियां, अनाज और नट्स का सेवन करते हैं.