श्योपुर18 मिनट पहले
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- राज्य शासन ने यूजी कोर्स के फाइनल ईयर के रिजल्ट नहीं आने के कारण प्रस्ताव को दी मंजूरी
बीई, बी.फार्मेसी, एमई एमटेक सहित विभिन्न तकनीकी कोर्सेस के लिए तकनीकी शिक्षा विभाग ऑनलाइन प्रवेश प्रक्रिया आयोजित कर रहा है। अब जल्द ही एमबीए और एमसीए के लिए भी ऑनलाइन काउंसलिंग शुरू करेगा। दरअसल, राज्य शासन ने अंडर ग्रेजुएशन (यूजी) कोर्स के फाइनल ईयर के रिजल्ट नहीं आने के कारण फर्स्ट व सेकंड ईयर के औसत अंक के आधार पर एडमिशन देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। उम्मीद जताई जा रही है कि 13 अक्टूबर से एमबीए और एमसीए दोनों कोर्सेस में एक साथ ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
कोरोना संक्रमण से हुई देरी के कारण अब इन दोनों कोर्स के लिए सिर्फ एक राउंड में एडमिशन प्रक्रिया होगी। राजीव गांधी प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय ने यूपी फाइनल ईयर के रिजल्ट घोषित कर दिए है, लेकिन सितंबर बीतने तक अन्य विश्वविद्यालयों के रिजल्ट अटके हैं। इसलिए यूजी फर्स्ट ईयर और सेकंड ईयर के आधार पर एडमिशन देने का निर्णय लिया गया।
फर्स्ट और सेकंड ईयर के रिजल्ट के आधार पर प्रवेश दिए जाएंगे
नई व्यवस्था में सीट के आधार पर प्रवेश को प्राथमिकता दी जाएगी। पहली प्राथमिकता (कॉमन मैनेजमेंट एप्टीट्यूट टेस्ट सीट के आधार पर दी जाएगी। इसके बाद जिनका रिजल्ट आ चुका है, यानी पहले से ग्रेजुएशन हैं, उन्हें प्राथमिकता मिलेगी। इसके बाद फर्स्ट और सेकंड ईयर के रिजल्ट के आधार पर प्रवेश दिए जाएंगे।
विश्वविद्यालय स्तर पर होगा अंतिम सत्यापन
यूजी फाइनल ईयर का रिजल्ट नहीं आने के कारण एडमिशन लेने वाले छात्रों का अंतिम सत्यापन विश्वविद्यालय स्तर पर होगा। यह सत्यापन नामांकन कराते समय या परीक्षा से पहले किया जा सकेगा। इन दोनों कोर्स में एडमिशन लेने की अर्हता यूजी में 50 प्रतिशत अंक के साथ उत्तीर्ण होना है। ऐसे में एडमिशन के समय इसका परीक्षण नहीं किया जा सकेगा। यदि स्टूडेंट्स फाइनल ईयर के रिजल्ट में फेल होते हैं या फिर अर्हता पूरी नहीं कर पाते हैं तो उनका एडमिशन निरस्त किया जाएगा।