सतना डाइट प्राचार्य के खिलाफ सेवानिवृत्त कर्मचारी भूख हड़ताल पर: भुगतान रोकने और प्रताड़ना के आरोप; कमिश्नर से हटाने की मांग – Satna News

सतना डाइट प्राचार्य के खिलाफ सेवानिवृत्त कर्मचारी भूख हड़ताल पर:  भुगतान रोकने और प्रताड़ना के आरोप; कमिश्नर से हटाने की मांग – Satna News




सतना में जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) के प्राचार्य डॉ. सच्चिदानंद पांडेय की कथित हठधर्मिता के खिलाफ सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने भूख हड़ताल शुरू कर दी है। सोमवार को सेवानिवृत्त कर्मचारी सुरेशचंद्र मिश्रा और प्रदीप त्रिपाठी भूख हड़ताल पर बैठे। उनका आरोप है कि प्राचार्य ने जानबूझकर एक दर्जन से अधिक सेवानिवृत्त कर्मचारियों के भुगतान रोक रखे हैं। इस भूख हड़ताल को कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता रितेश त्रिपाठी ने भी अपना समर्थन दिया है। उन्होंने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को न्याय दिलाने और डाइट प्राचार्य को तत्काल पद से हटाने की मांग की है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि प्राचार्य के कार्यकाल में सेवानिवृत्त हुए अधिकांश कर्मचारियों को भुगतान नहीं मिला है। सेवानिवृत्त कर्मचारी सुरेशचंद्र मिश्रा ने प्राचार्य पर दुर्व्यवहार और आर्थिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कलेक्टर से शिकायत की है। आरोप- सेवानिवृत्ति के दिन अपमानित किया
मिश्रा के अनुसार, उनकी सेवानिवृत्ति 31 जनवरी 2026 को हुई थी, लेकिन विदाई कार्यक्रम आयोजित करने के बजाय संस्थान के कमरों में ताला लगा दिया गया और उन्हें अपमानित किया गया। उन्हें अभी तक सेवानिवृत्ति प्रमाण पत्र और जनवरी माह का वेतन सहित अन्य भुगतान नहीं मिला है, जिससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी हो रही है। शिकायत में यह भी उल्लेख है कि प्राचार्य सच्चिदानंद पांडेय को 16 अप्रैल 2024 को निलंबित कर उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई थी, जो अभी भी लंबित है। आरोप है कि जांच के दौरान कर्मचारियों पर दबाव बनाया जा रहा है और उन्हें प्राचार्य के पक्ष में बयान देने के लिए प्रताड़ित किया जा रहा है। शिकायतकर्ताओं ने मांग की कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए प्राचार्य को तत्काल डाइट सतना से हटाया जाए और सभी लंबित भुगतानों का शीघ्र निपटारा किया जाए। एक दर्जन कर्मचारियों ने कमिश्नर से की शिकायत
डाइट प्रचार्य सच्चिदानंद पांडेय के खिलाफ कमिश्नर रीवा को एक दर्जन कर्मचारियों ने लिखित आवेदन दिया है। दो साल पहले रिटायर हुईं प्रौढ़ शिक्षा अधिकारी अंजना श्रीवास्तव ने आरोप लगाया कि उनके स्वयत्तों का भुगतान अभी तक नहीं किया गया। इसके भी तमाम कर्मचारी प्रताडित महसूस कर रहे हैं।



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