नई दिल्ली. क्रिकेट की दुनिया में अक्सर कहा जाता है कि टी20 युवाओं का खेल है, लेकिन साल 2009 में एक 38 साल के दिग्गज ने इस धारणा को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया वह दिग्गज कोई और नहीं, बल्कि भारत के सबसे सफल स्पिनर अनिल कुंबले थे. अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद, जब उन्होंने रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर (RCB) की कमान संभाली, तो उन्होंने न केवल अपनी फिरकी का जादू बिखेरा, बल्कि कप्तानी की एक ऐसी मिसाल पेश की जो आज भी आईपीएल इतिहास के सुनहरे पन्नों में दर्ज है.
अनिल कुंबले की गेंदबाजी की सबसे बड़ी विशेषता उनकी सटीकता थी 2009 के सीजन में, जो दक्षिण अफ्रीका की पिचों पर खेला गया था, कुंबले ने टी20 के पारंपरिक तरीकों को चुनौती दी. वह एक ऐसे कप्तान और गेंदबाज थे जो टी20 में भी टेस्ट मैच की तरह ‘अटैकिंग फील्ड’ सेट करते थे। उन्होंने बल्लेबाजों को रन रोकने के लिए नहीं, बल्कि विकेट लेने के लिए उकसाया. उनकी लेग-स्पिन और ‘फ्लिपर’ ने बल्लेबाजों को क्रीज पर टिकने का मौका नहीं दिया.
2009 का फाइनल: हारकर भी बने ‘किंग’
आईपीएल 2009 का फाइनल मुकाबला जोहान्सबर्ग में डेक्कन चार्जर्स और आरसीबी के बीच खेला गया. ipl फाइनल 2009 के मैच में कुंबले ने वह कारनामा किया जो आईपीएल इतिहास में फिर कभी नहीं दोहराया गया उन्होंने फाइनल जैसे बड़े मंच पर अविश्वसनीय गेंदबाजी करते हुए 16 रन देकर 4 विकेट चटकाए और उनके इस स्पेल ने डेक्कन चार्जर्स की कमर तोड़ दी थी. 2009 के आईपीएल फाइनल में अनिल कुंबले ने डेक्कन चार्जर्स के खिलाफ जो स्पेल फेंका था, वह आज भी किसी कप्तान द्वारा फाइनल में किया गया सबसे बेहतरीन प्रदर्शन माना जाता है. उन्होंने 16 रन देकर 4 विकेट लिए थे.
कुंबले ने जिन 4 बड़े बल्लेबाजों का शिकार किया, वे ये थे एडम गिलक्रिस्ट,एंड्रयू साइमंड्स ,रोहित शर्मा और वेणुगोपाल राव जैसे दिग्गजों को विकेट पर टिकने नहीं दिया. हालांकि, आरसीबी यह रोमांचक मुकाबला महज 6 रन से हार गई, लेकिन कुंबले का प्रदर्शन इतना प्रभावशाली था कि उन्हें ‘मैन ऑफ द मैच’ चुना गया. वह आईपीएल इतिहास के पहले ऐसे कप्तान बने जिनकी टीम फाइनल हार गई, फिर भी उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच का खिताब मिला.
जंबो का जादुई स्पेल
अनिल कुंबले का 5 रन देकर 5 विकेट (5/5) का स्पेल आईपीएल इतिहास के सबसे घातक और किफायती स्पेल में से एक माना जाता है. यह जादुई प्रदर्शन 18 अप्रैल 2009 को केप टाउन के न्यूलैंड्स मैदान पर राजस्थान रॉयल्स के खिलाफ आया था. रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने पहले बल्लेबाजी करते हुए केवल 133 रन बनाए थे. बचाव के लिए यह लक्ष्य छोटा था, लेकिन कुंबले की गेंदबाजी ने इसे राजस्थान के लिए नामुमकिन बना दिया. कुंबले ने केवल 3.1 ओवर गेंदबाजी की, जिसमें उन्होंने एक मैडेन ओवर फेंका और मात्र 5 रन देकर 5 विकेट चटकाए. उन्होंने राजस्थान के मध्य और निचले क्रम को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया. उनके शिकारों में दिग्गज यूसुफ पठान, रविंद्र जडेजा और कप्तान शेन वॉर्न जैसे नाम शामिल थे.
ऐतिहासिक रिकॉर्ड:
अनिल कुंबले आईपीएल में 5 विकेट लेने वाले सबसे उम्रदराज गेंदबाज (38 वर्ष) बने. उनका 1.57 का इकोनॉमी रेट आज भी आईपीएल के बेहतरीन स्पेल में गिना जाता है.उनकी इस गेंदबाजी की बदौलत राजस्थान रॉयल्स की पूरी टीम मात्र 58 रनों पर सिमट गई, जो उस समय आईपीएल का दूसरा सबसे न्यूनतम स्कोर था. कुंबले ने इस मैच में अपनी ‘टेस्ट मैच लेंथ’ का इस्तेमाल किया उन्होंने गेंद को हवा में फ्लाइट देने के बजाय अपनी ट्रेडमार्क गति और सटीक लाइन से बल्लेबाजों को छकाया.
अनिल कुंबले ने उस सीजन में आरसीबी को अंक तालिका में नीचे से उठाकर फाइनल तक पहुँचाया था उन्होंने दिखाया कि अनुभव और जज्बा उम्र के मोहताज नहीं होते. ‘जम्बो’ की वह कप्तानी आज भी आरसीबी के फैंस के लिए एक इमोशन है, जिसने टीम को एक लड़ने वाला जज्बा दिया. कुंबले का वह प्रदर्शन इस बात का प्रमाण है कि यदि आपके पास तकनीक और दिमाग है, तो आप रिटायरमेंट के बाद भी मैदान पर राज कर सकते हैं.