मंदसौर जिले के भानपुरा में 8 मार्च को एक बुजुर्ग की आत्महत्या के मामले को लेकर परिजनों का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मंगलवार को परिजन समाजजनों के साथ कलेक्टर और एसपी कार्यालय पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा। परिजनों का कहना है कि घटना के कई दिन बाद भी पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। उनका आरोप है कि मामले में लापरवाही बरती जा रही है, जिससे उन्हें न्याय नहीं मिल पा रहा है। मृतक के बेटे मनीष राठौर ने बताया कि उनके पिता अशोक कुमार राठौर वर्ष 2018 से 2020 तक राठौर तेली समाज मानपुरा के अध्यक्ष रहे थे। उस दौरान किए गए सभी कार्यों का हिसाब 2020 में ही सौंप दिया गया था, लेकिन अब उसी मुद्दे को लेकर विवाद खड़ा किया गया। चुनावी रंजिश से बढ़ा तनाव
परिजनों के अनुसार, नगर पंचायत चुनाव के दौरान भी विवाद बढ़ा। अशोक राठौर भाजपा से वार्ड सदस्य का चुनाव लड़े थे, जबकि मंगलसिंह राठौर कांग्रेस से प्रत्याशी थे। चुनाव के बाद से ही लगातार दबाव और प्रताड़ना की बात सामने आई है। परिजनों ने मंगलसिंह राठौर पर आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि वह पहले गुंडा सूची में भी रहा है और क्षेत्र में दबाव बनाकर अवैध वसूली करता था। पुलिस जांच पर भी परिजनों ने उठाए सवाल
मामले की जांच को लेकर भी परिजनों ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जांच में पक्षपात हुआ, हालांकि शिकायत के बाद जांच अधिकारी को बदल दिया गया था। यह प्रकरण 8 मार्च 2026 को थाना भानपुरा में दर्ज किया गया था, लेकिन अब तक किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, जिससे परिजनों में नाराजगी है। राजीनामे का दबाव और धमकियों का आरोप लगाया
परिजनों ने आरोप लगाया कि आरोपी पक्ष की ओर से लगातार समझौते का दबाव बनाया जा रहा है और धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने किसी अप्रिय घटना की आशंका भी जताई है। बड़ी संख्या में लोग बसों से कलेक्ट्रेट पहुंचे और ज्ञापन सौंपा। परिजनों ने साफ कहा कि यदि जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो इसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन की होगी।
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