खेत की मिट्टी भी बनेगी उपजाऊ, खाना बने आसानी से, जानें गोबर गैस प्लांट का कमाल

खेत की मिट्टी भी बनेगी उपजाऊ, खाना बने आसानी से, जानें गोबर गैस प्लांट का कमाल


Gobar Gas Plant: किसान हमेशा यही चाहता है कि कम खर्च में ज्यादा पैदावार मिले और मुनाफा बढ़े ऐसे में एक आसान और सस्ता तरीका है गोबर गैस प्लांट से निकलने वाली स्लरी (देसी खाद) का उपयोग यह खाद गांव में आसानी से मिल जाती है और पूरी तरह जैविक होती है. विशेषज्ञों के अनुसार, इसमें नाइट्रोजन, फास्फोरस और पोटाश जैसे जरूरी पोषक तत्व भरपूर मात्रा में होते हैं, जो फसल की तेजी से बढ़वार में मदद करते हैं.

41 दिन में बनती है तैयार खाद
गोबर गैस प्लांट में गैस बनने के बाद करीब 41 दिन में गोबर सड़कर स्लरी के रूप में बाहर निकलता है. इसी स्लरी का उपयोग खेत में खाद के रूप में किया जाता है. सबसे खास बात यह है कि इसमें किसी मशीन या ज्यादा खर्च की जरूरत नहीं होती, जिससे यह किसानों के लिए बेहद सस्ता और आसान तरीका बन जाता है.

गैस भी, खाद भी  डबल फायदा
खेगांव के किसान रामेश्वर पटेल बताते हैं कि उन्होंने अपने घर पर गोबर गैस प्लांट लगाया है.
इससे निकलने वाली गैस से घर में खाना बनता है और जो स्लरी निकलती है, उसे खेत में डालते हैं. इससे उन्हें बाहर से महंगी खाद खरीदने की जरूरत नहीं पड़ती और खेत की उर्वरता भी बढ़ती है.

स्लरी के बड़े फायदे
मिट्टी की उर्वरता लंबे समय तक बनी रहती है
जमीन भुरभुरी और उपजाऊ बनती है
फसल की पैदावार बढ़ती है
केमिकल खाद की जरूरत कम हो जाती है
खेती पूरी तरह प्राकृतिक हो जाती है
फसल में रोग और कीट कम लगते हैं

कम लागत में ज्यादा मुनाफा
अगर किसान खुद ही यह खाद तैयार करता है, तो उसे यूरिया और डीएपी जैसे महंगे उर्वरकों पर निर्भर नहीं रहना पड़ता. इतना ही नहीं, आजकल इस जैविक खाद की बाजार में भी मांग बढ़ रही है, जिसकी कीमत करीब 8 से 10 रुपए प्रति किलो तक मिल जाती है. यानी किसान चाहें तो इसे बेचकर अतिरिक्त कमाई भी कर सकते हैं.

कैसे करें उपयोग
स्लरी को पानी में मिलाकर सीधे खेत में डाल सकते हैं
या इसे सुखाकर सामान्य खाद की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं
सिंचाई के साथ भी इसका उपयोग किया जा सकता है

ध्यान रखने वाली बातें
एक साथ ज्यादा मात्रा में खाद न डालें
अच्छी तरह सड़ी हुई स्लरी का ही उपयोग करें
इसे ढककर रखें, ताकि पोषक तत्व खराब न हों

किसानों के लिए आसान समाधान
कुल मिलाकर, गोबर गैस प्लांट से निकलने वाली यह देसी खाद किसानों के लिए कम लागत में ज्यादा उत्पादन का बेहतरीन तरीका है. इससे खेती सस्ती भी होती है और जमीन लंबे समय तक उपजाऊ बनी रहती है.



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