मंडला जिला मुख्यालय में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान एक अजीब मामला सामने आया। बिछिया तहसील के ग्राम मांद से आए एक युवक ने कलेक्टर से मांग की है कि उसे सीधे आईएएस अधिकारी बना दिया जाए। युवक ने अपना नाम अंकित श्रीवास बताया और कहा कि वह बीएससी कर चुका है। उसने कलेक्टर को अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा कि वह पहले भी दो-तीन बार यूपीएससी की तैयारी के लिए किताबें दिलाने का आवेदन दे चुका है, लेकिन उसे किताबें नहीं मिलीं। अंकित का दावा है कि किताबों के अभाव में उसके कीमती 9 साल बर्बाद हो गए और गरीबी की वजह से वह इस साल की परीक्षा भी नहीं दे पाया। सीधे आईएएस बनकर करना चाहता है विकास युवक ने मांग रखी कि उसे अब सीधे आईएएस अधिकारी बना दिया जाए ताकि वह मंडला जिले का विकास कर सके। उसने कलेक्टर से कहा कि वह मंडला में अच्छी सड़कें, बेहतर अस्पताल और लोगों को अच्छी सुविधाएं देना चाहता है। उसका मानना था कि कलेक्टर साहब उसे अफसर बना सकते हैं और उसने यह भी साफ कर दिया कि वह मंडला के अलावा कहीं और काम नहीं करना चाहता। कलेक्टर ने दिखाई संवेदनशीलता इस अनोखी मांग को सुनकर कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने युवक से काफी देर तक शांति से बात की। मामले की स्थिति और युवक की मानसिक स्थिति को समझते हुए, कलेक्टर ने संवेदनशीलता दिखाई और जिला अस्पताल के सिविल सर्जन को बुलाकर युवक को उनके सौंप दिया ताकि उसकी उचित देखभाल और जांच की जा सके।
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