झाबुआ जिले में मंगलवार को ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते युद्ध के तनाव की अफवाहों ने पेट्रोल पंपों पर भारी हंगामा खड़ा कर दिया। ईंधन खत्म होने की आशंका के चलते लोग अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने के लिए उमड़ पड़े, जिससे कई पंपों पर स्टॉक ही खत्म हो गया। स्थिति इतनी बेकाबू हुई कि व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस बल तक तैनात करना पड़ा। जिले भर के पेट्रोल पंपों पर दोपहर से ही अफरा-तफरी का माहौल देखा गया। झाबुआ शहर के पुलिस वेलफेयर पंप पर भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस तैनात की गई, जबकि मेघनगर नाका चौराहे पर स्थित पंपों पर देर रात तक वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं। भीड़ को देखते हुए कुछ पंप संचालकों ने राशनिंग शुरू कर दी और प्रति वाहन केवल 100 से 200 रुपए तक का ही पेट्रोल सीमित मात्रा में दिया। ग्रामीण इलाकों में गहराया संकट ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालात चिंताजनक रहे। रानापुर नगर के पांच में से तीन पेट्रोल पंपों पर दोपहर बाद ईंधन खत्म हो गया। कुछ स्थानों पर बिजली गुल होने से वितरण व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। झाबुआ और कुंदनपुर रोड के प्रमुख पंपों पर स्टॉक खत्म होने के बाद सारा दबाव आंबा कुआं नगर के बायपास स्थित पंप पर आ गया, जिससे वहां जबरदस्त जाम लग गया। वहीं, पेटलावद के थांदला रोड स्थित पंप पर पिछले दो-तीन दिनों से आपूर्ति ठप्प होने की खबर मिली है। प्रशासन की कार्रवाई और अपील अफवाहों के कारण पैदा हुए इस संकट की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हुआ। झाबुआ एसडीएम महेश मंडलोई ने बताया कि पंपों पर भीड़ और ईंधन की कमी की सूचना मिलने के बाद अधिकारियों की एक टीम को मौके पर हकीकत जानने और व्यवस्था बनाने के लिए भेजा गया है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे युद्ध की इन अफवाहों पर ध्यान न दें, हालांकि देर रात तक पेट्रोल पंपों पर बेचैनी और भीड़ का माहौल बना रहा।
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