भूतड़ी अमावस्या के 18 मार्च के स्नान पर्व के लिए नर्मदा से शिप्रा में लिए 4.52 करोड़ के पानी को जिम्मेदार 7 दिन भी सुरक्षित नहीं रख पाए। जबकि दावे किए थे कि इसी पानी से 12 अप्रैल को पंचक्रोशी यात्रा के शुभारंभ का स्नान भी श्रद्धालुओं को करवा दिया जाएग
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पानी काला व बदबूदार होने के ये 3 प्रमुख कारण
कान्ह नदी : सबसे प्रमुख कारण शिप्रा में कान्ह का गंदा मिलना है। इंदौर से आ रहा सीवर व नाले का पानी कान्ह के जरिए शिप्रा में मिलता है। इसे रोकने के लिए बनाया मिट्टी का कच्चा बांध क्षतिग्रस्त है।
निर्माण कार्य : शिप्रा नदी किनारे विभिन्न निर्माण कार्य चल रहे हैं। आसपास घाट निर्माण व बीच में पुल-पुलियाओं के काम हो रहे हैं। कामों के चलते मिट्टी व मटेरियल के मिलने से पानी गंदा हो रहा है।
गंदे नाले : शिप्रा के कैचमेंट एरिया से होते हुए कई स्थानों पर नाले नदी में मिल रहे हैं। इससे भी पानी काला हो रहा है। सिंहस्थ बायपास, रामघाट, भैरवगढ़ सहित आदि क्षेत्रों में नाले मिलते हैं।