भिंड व्यापार मेला में बिना उद्घाटन 95 दुकानें चालू: चोरी की बिजली से रोशन परिसर, जगह-जगह कचरे के ढेर – Bhind News

भिंड व्यापार मेला में बिना उद्घाटन 95 दुकानें चालू:  चोरी की बिजली से रोशन परिसर, जगह-जगह कचरे के ढेर – Bhind News




भिंड व्यापार मेला बिना आधिकारिक उद्घाटन के पिछले 10 दिनों से चालू है, जहां 95 दुकानें और झूले लग चुके हैं और सैलानियों की भारी भीड़ पहुंच रही है। नगर पालिका प्रबंधन अब तक शुभारंभ की तारीख घोषित नहीं कर सका है। वर्तमान में पूरा मेला परिसर आसपास के ट्रांसफार्मरों से चोरी की बिजली लेकर रोशन किया जा रहा है और सफाई व्यवस्था ठप होने से जगह-जगह कचरे के ढेर लगे हुए हैं। सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी को लेकर नगर पालिका में विवाद चल रहा है, जबकि बिजली कंपनी ने अस्थाई कनेक्शन का पैसा जमा होने की बात कहकर जल्द ट्रांसफार्मर लगाने का दावा किया है। चोरी की बिजली से चल रहे झूले और दुकानें, लाइन लॉस बढ़ा मेला में अब तक विधिवत बिजली कनेक्शन नहीं दिया गया है और नया पावर ट्रांसफार्मर भी स्थापित नहीं हुआ है। इसके बावजूद झूले, दुकानें और अन्य व्यवस्थाएं धड़ल्ले से चल रही हैं। जानकारी के अनुसार, बिजली ठेकेदार द्वारा अवैध रूप से आसपास के ट्रांसफार्मरों से कनेक्शन लेकर सप्लाई की जा रही है। इससे बिजली चोरी के साथ शहर में लाइन लॉस भी बढ़ रहा है, लेकिन बिजली कंपनी के अधिकारियों ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। 95 दुकानें लगीं, 10 दिन से पहुंच रहे सैलानी ग्वालियर व्यापार मेला की समाप्ति के बाद हर साल यह मेला मार्च में शुरू हो जाता था, लेकिन इस बार अप्रैल में शुभारंभ की बात कही जा रही है। हालांकि, पिछले दस दिनों से मेला पूरी तरह तैयार है और 95 दुकानें लग चुकी हैं। जगह के अभाव में कई दुकानदारों को अभी भी स्थान नहीं मिल पा रहा है। शाम होते ही मेला गुलजार हो जाता है और सॉफ्टी की दुकानों से लेकर झूला सेक्टर तक सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी पर फंसा पेंच, वार्डों से बुलाने का विरोध मेला में प्रवेश करते ही सैलानियों को कचरे और गंदगी के ढेर मिल रहे हैं। मेला के हर सेक्टर और गलियों में कचरा फैला है। इस अव्यवस्था को लेकर नगर पालिका में राजनीति तेज हो गई है। सीएमओ ने हर वार्ड से दो-दो कर्मचारियों को बुलाकर मेला में करीब 20 सफाई कर्मचारियों की ड्यूटी लगाने के निर्देश दिए हैं, लेकिन सफाई दरोगा इसका विरोध कर रहे हैं। उनका तर्क है कि इससे शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित होगी और मेला के लिए अलग से अस्थायी कर्मचारियों की नियुक्ति होनी चाहिए। 1 महीने के मेले में 3 महीने के फर्जी वेतन को रोकने नया प्लान नगर पालिका प्रबंधन के सूत्रों के अनुसार, पिछले आयोजनों में मेला के नाम पर कई बार तीन महीने तक अस्थायी कर्मचारियों को वेतन दिया जाता रहा है, जबकि मेला केवल एक माह ही चलता है। इसी व्यवस्था को रोकने के लिए इस बार वार्डों से नियमित कर्मचारियों को लगाने का नया प्लान तैयार किया गया है। अधिकारी बोले- जल्द दुरुस्त होगी व्यवस्था इस पूरे मामले में नगर पालिका उपाध्यक्ष भानु प्रताप भदौरिया का कहना है कि, “मैंने मेला का निरीक्षण किया है और सफाई की समस्या को गंभीरता से लिया गया है। जल्द ही सफाई व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी और ट्रांसफार्मर भी रखवाया जाएगा। व्यापारियों और सैलानियों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।” इधर बिजली कंपनी के महाप्रबंधक अमरेश शुक्ला का कहना है कि, “नगर पालिका ने अस्थाई कनेक्शन को लेकर पैसा जमा करवा दिया है। जल्द ही ट्रांसफार्मर रखकर बिजली मीटर लगाए जाने की प्रक्रिय पूरी की जाएगी।”



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