सतना में वाहन ईंधन (डीजल-पेट्रोल) का कोई संकट नहीं है। जिला मुख्यालय समेत पूरे जिले में आपूर्ति सामान्य है और न ही इनके दाम बढ़ने वाले हैं। ईरान-अमेरिका-इजराइल युद्ध की खबरों के बीच काल्पनिक भय के कारण वाहनों के टैंक फुल कराने की होड़ में गुरुवार शाम से पेट्रोल पंपों पर अचानक भीड़ बढ़ गई है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (आईओसी) के एरिया सेल्स मैनेजर नकुल दीक्षित ने बताया कि डरने की कोई आवश्यकता नहीं है। जबलपुर स्थित भिटौनी डिपो से मांग के अनुसार निरंतर आपूर्ति जारी है। वाहन ईंधन में किसी भी प्रकार की राशनिंग नहीं की गई है और डिपो से लगातार लोड मिल रहा है। जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी सम्यक जैन ने भी स्पष्ट किया कि पेट्रोल पंप सूखे नहीं हैं। दाम बढ़ने और वाहन ईंधन की आपूर्ति बंद होने जैसी आशंकाएं निराधार और कोरी अफवाहें हैं। पेट्रोल पंप संचालक आशीष चौदहा ने स्वीकार किया कि यदि कहीं पंप ड्राई होने की स्थिति बनी भी है, तो यह निश्चित रूप से अल्पकालिक है और टैंक फुल कराने की होड़ के कारण ही हुई है। उन्होंने बताया कि अफवाहों के चलते उपभोक्ता पेट्रोल पंपों पर पहुंच रहे हैं और हर हाल में टैंक फुल कराना चाहते हैं। कई लोग तो संतोष न होने पर अपने साथ बोतलें और केन भी लेकर आ रहे हैं, खासकर डीजल के लिए छोटे-छोटे ड्रम भी देखे जा रहे हैं। सतना में ही 28 पेट्रोल पंप सक्रिय
सतना-मैहर जिले में वर्तमान में लगभग 180 पेट्रोल पंप संचालित हैं, जिनमें से अकेले सतना जिला मुख्यालय में 28 पेट्रोल पंप सक्रिय हैं। पिछले दो दिनों में पेट्रोल की मांग तीन गुना और डीजल की मांग दो गुना बढ़ गई है। पंप संचालकों के मुताबिक ईरान-अमेरिका जंग के बीच रेट में इजाफा और सप्लाई ठप्प होने की अफवाहों के कारण पिछले दो दिन के दौरान शहर में डीजल की प्रतिदिन सामान्य खपत जहां 4 लाख लीटर थी, वहीं यह दो गुना बढ़ कर 8 लाख लीटर हो गई है। इसी तरह शहर में सामान्य दिनों में प्रतिदिन पेट्रोल की मांग जहां डेढ़ लाख लीटर थी, वहीं ये तीन गुना वृद्धि के साथ लगभग साढ़े 4 लाख लीटर हो गई है।
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