दमोह में चैत्र नवरात्रि की नवमी पर शुक्रवार रात ज्वारों का विसर्जन किया गया। शहर के अलग-अलग इलाकों से जवारे बड़ी देवी मंदिर के पास स्थित पुराने फुटेरा तालाब पहुंचे, जहां पूजा-पाठ के बाद उन्हें विसर्जित किया गया। विसर्जन से पहले रास्ते में जगह-जगह ज्वारों की पूजा हुई। महिलाएं जवारे लेकर बड़ी देवी मंदिर पहुंचीं और वहां से फुटेरा तालाब गईं। नौ दिनों तक उपवास रखने वाले भक्तों ने ज्वारों की पूजा के बाद अपना व्रत खोला। मंदिर में उमड़ी भारी भीड़ नवमी के मौके पर बड़ी देवी मंदिर में भक्तों की भीड़ लगी रही। इस दौरान कई महिलाएं भक्ति में डूबकर नृत्य हुईं भी दिखीं। विसर्जन के समय सुरक्षा के लिए फुटेरा तालाब पर पुलिस और एसडीआरएफ (SDRF) की टीम तैनात रही। नए साल की शुरुआत सर्व हिंदू समाज की नित्या प्यासी ने बताया कि नौ दिनों तक लोग मां की भक्ति में डूबे रहते हैं। चैत्र नवरात्रि से ही हिंदू नए साल की शुरुआत होती है। नवमी पर मंदिरों और घरों में बोए गए ज्वारों का पूरे विधि-विधान से विसर्जन किया जाता है, जिसके बाद भक्त अपना उपवास पूरा करते हैं।
Source link