दिन में डॉक्टर, सुबह किसान! डबल लाइफ जीकर 25 लोगों को दे रहे रोजगार

दिन में डॉक्टर, सुबह किसान! डबल लाइफ जीकर 25 लोगों को दे रहे रोजगार


Burhanpur News: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के टीट गांव कला में रहने वाले डॉ. संतोष रघुनाथ महाजन की कहानी सुनकर आप भी कहेंगे अगर ठान लो, तो कुछ भी मुमकिन है. ये सिर्फ मरीजों का इलाज ही नहीं करते, बल्कि खेतों में पसीना बहाकर खेती भी करते हैं.

पढ़ाई के बाद लिया अलग रास्ता
डॉ. संतोष ने BUMS की पढ़ाई पूरी की. आमतौर पर लोग इसके बाद शहर में क्लीनिक खोलकर सेट हो जाते हैं, लेकिन उन्होंने कुछ अलग करने की ठानी. उनके मन में था कि सिर्फ इलाज ही नहीं, बल्कि गांव के लोगों को रोजगार भी देना है.

पिता से सीखी खेती, बना ली पहचान
डॉक्टर बनने के बाद भी उन्होंने खेती करना नहीं छोड़ा. उन्होंने अपने पिता से खेती की बारीकियां सीखीं और 10 एकड़ जमीन पर गन्ना, गेहूं, चना और मक्का की खेती शुरू कर दी. आज वही खेती उनकी एक अलग पहचान बन चुकी है.

सुबह खेत, शाम क्लीनिक
उनका रूटीन भी काफी दिलचस्प है. सुबह-सुबह खेतों में जाकर काम देखते हैं और शाम को अपने क्लीनिक में मरीजों का इलाज करते हैं. यानी दिनभर दो जिम्मेदारियां निभा रहे हैं एक डॉक्टर की और दूसरी किसान की.

खेती से अलग कमाई, रोजगार भी
खेती से उन्हें हर साल 5 से 6 लाख रुपये की एक्स्ट्रा कमाई हो रही है. सबसे खास बात ये है कि उन्होंने अपने खेतों में 25 से ज्यादा लोगों को रोजगार दे रखा है. गांव में जहां काम के मौके कम होते हैं, वहां ये पहल किसी वरदान से कम नहीं है.

गांव को बनाना आत्मनिर्भर
डॉ. संतोष का कहना है कि उनका सपना है कि गांव के ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार मिले. आगे भी वे खेती में नए प्रयोग करना चाहते हैं, ताकि और लोगों को काम मिल सके.

सीख जो दिल छू जाए
ये कहानी बताती है कि अगर सोच साफ हो और मेहनत करने का जज्बा हो, तो एक इंसान कई रोल निभा सकता है. डॉक्टर होकर भी खेती करना और लोगों को रोजगार देना यही असली सफलता है.



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