नर्मदापुरम के सतपुड़ा टाइगर रिजर्व (एसटीआर) के एक बाघ का छिंदवाड़ा जिले में जहरीला चारा खिलाकर शिकार किए जाने का मामला सामने आया है। बाघ का शव खेत के गड्ढे में मिला, जिसकी लोकेशन कॉलर आईडी के आधार पर वन विभाग ने ट्रेस की। मौके पर एक मृत बैल भी पाया गया। जांच में सामने आया कि बाघ ने किसान उदय सिंह के बैल का शिकार किया था और लगातार खेत में लौट रहा था, जिससे नाराज किसान ने बैल के बचे अंगों पर यूरिया डाल दिया। बाघ ने वही मांस खाने पर दम तोड़ दिया। छिंदवाड़ा डीएफओ साहिल गर्ग के अनुसार, गांव छाती आम के खेत में पहले बैल और थोड़ी दूरी पर गड्ढे में बाघ मृत मिला। पूछताछ में किसान ने अपराध स्वीकार कर पूरी घटना बताई। आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। अधिकारियों ने बाघ का पोस्टमार्टम कराया, जिसमें जहर से मौत की पुष्टि हुई। एसटीआर क्षेत्र संचालक राखी नंदा ने बताया कि करीब चार वर्षीय इस बाघ को डेढ़ साल पहले बांधवगढ़ से लाकर जंगल में छोड़ा गया था। कुछ दिनों से उसकी लोकेशन नहीं मिल रही थी। प्रदेश में वर्ष 2026 में अब तक 10 बाघों की मौत दर्ज हो चुकी है। डेढ़ साल पहले बांधवगढ़ से लाया गया बाघ मृत मिला एसटीआर क्षेत्र संचालक राखी नंदा ने बताया कि मृत बाघ को करीब डेढ़ साल पहले बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से सतपुड़ा क्षेत्र में लाकर जंगल में छोड़ा गया था। उस समय उसकी उम्र लगभग चार साल थी। पिछले कुछ दिनों से बाघ की लोकेशन ट्रैकिंग सिस्टम पर नहीं मिल रही थी, जिसके बाद आसपास के क्षेत्रों में अलर्ट जारी किया गया था। शुक्रवार को सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और खेत के गड्ढे में बाघ का शव बरामद किया। जांच के दौरान शिकार की पुष्टि हुई। मामले में आरोपी किसान को गिरफ्तार कर लिया गया है।
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