MP में बिजली दरों में 4.80% बढ़ोतरी, 1 अप्रैल से बिजली बिल महंगा

MP में बिजली दरों में 4.80% बढ़ोतरी, 1 अप्रैल से बिजली बिल महंगा


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मध्यप्रदेश में बिजली दरों में 4.80 प्रतिशत बढ़ोतरी को मंजूरी मिल गई है. नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी. हर स्लैब में 30 से 50 पैसे प्रति यूनिट तक वृद्धि हुई है. इससे उपभोक्ताओं के बिजली बिल में बढ़ोतरी होगी. हालांकि 150 यूनिट तक की खपत पर सब्सिडी जारी रहेगी, जिससे सीमित राहत मिलेगी.

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एमपी में बिजली की दरों में भारी बढ़ोतरी कर दी गई है.

भोपाल. मध्यप्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका लगा है. राज्य विद्युत नियामक आयोग ने बिजली दरों में करीब 4.80 प्रतिशत बढ़ोतरी को मंजूरी दे दी है. यह नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी. बिजली कंपनियों ने इससे अधिक यानी 10.19 प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग की थी, लेकिन आयोग ने सीमित वृद्धि को ही मंजूरी दी. इसके बावजूद आम उपभोक्ताओं के मासिक बिल पर इसका सीधा असर पड़ेगा. खासकर मध्यम वर्ग और अधिक खपत वाले उपभोक्ताओं पर इसका भार ज्यादा महसूस होगा.

बिजली कंपनियों का तर्क है कि उन्हें हजारों करोड़ रुपये का घाटा झेलना पड़ रहा है. उत्पादन लागत, ट्रांसमिशन खर्च और अन्य परिचालन लागत बढ़ने के कारण टैरिफ बढ़ाना जरूरी हो गया था. हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि मध्यप्रदेश में बिजली उत्पादन पर्याप्त है. ऐसे में दरों में वृद्धि उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ डालती है. बिजली मामलों के जानकार अधिवक्ता राजेंद्र अग्रवाल ने भी इस फैसले पर सवाल उठाए हैं. उनका कहना है कि अन्य राज्यों में दरें स्थिर रखी गई हैं, जबकि MP में बढ़ोतरी की गई है.

नई दरों का असर, हर स्लैब में 30 से 50 पैसे तक की बढ़ोतरी 
नई दरों के अनुसार अलग-अलग स्लैब में प्रति यूनिट कीमत बढ़ाई गई है. कम खपत वाले उपभोक्ताओं को भी राहत नहीं मिली है. हर स्लैब में 30 से 50 पैसे तक की बढ़ोतरी की गई है. इससे मासिक बिल में सीधा इजाफा होगा.

सब्सिडी से आंशिक राहत, 100 यूनिट तक की बिजली 100 रुपये में 
सरकार ने 150 यूनिट तक खपत करने वाले उपभोक्ताओं के लिए सब्सिडी जारी रखने का फैसला किया है. इस योजना के तहत 100 यूनिट तक की बिजली 100 रुपये में मिलेगी. इससे गरीब और निम्न आय वर्ग को कुछ राहत मिल सकती है.

उपभोक्ताओं पर बढ़ेगा बोझ
विशेषज्ञों का कहना है कि गर्मियों के मौसम में बिजली की खपत बढ़ती है. ऐसे में नई दरें लागू होने से बिल और ज्यादा बढ़ सकते हैं. इससे घरेलू बजट प्रभावित होगा.

जबलपुर में पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ लगी हुई है.

जबलपुर में पेट्रोल-डीजल को लेकर अफरा-तफरी, अफवाहों से पंपों पर लंबी कतारें
जबलपुर में पेट्रोल और डीजल को लेकर शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक अचानक हड़कंप मच गया. देर रात कीमतें बढ़ने की खबर के बाद लोग सुबह से ही पेट्रोल पंपों पर पहुंचने लगे. कई जगहों पर लोग जैरी केन और ड्रम लेकर ईंधन भरवाने पहुंचे. इससे पंपों पर लंबी कतारें लग गईं. शहर के कई पेट्रोल पंपों पर भारी भीड़ देखने को मिली. बाइक और कार चालकों के साथ-साथ कुछ लोग अतिरिक्त स्टॉक जमा करने के लिए भी पहुंचे. ग्रामीण क्षेत्रों में भी इसी तरह का माहौल रहा. वहां भी लोग जल्दी-जल्दी ईंधन भरवाने के लिए पंपों की ओर दौड़ते नजर आए. हालांकि, कई पेट्रोल पंपों पर बिना किसी परेशानी के पेट्रोल और डीजल मिल रहा है. पंप संचालकों का कहना है कि उनके पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है. उन्होंने साफ किया कि सप्लाई सामान्य बनी हुई है और घबराने की जरूरत नहीं है.

पंप संचालकों के मुताबिक, अचानक भीड़ बढ़ने की मुख्य वजह अफवाह और कीमत बढ़ने की आशंका है. लोगों को सही जानकारी नहीं मिल रही है. इसी कारण वे घबराकर जरूरत से ज्यादा ईंधन भरवा रहे हैं. प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें. आवश्यकतानुसार ही पेट्रोल-डीजल खरीदें. अधिकारियों का कहना है कि शहर और ग्रामीण इलाकों में सप्लाई पूरी तरह सामान्य है. किसी तरह की कमी नहीं है. स्थिति को देखते हुए कुछ पेट्रोल पंपों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त स्टाफ लगाया गया है. वहीं पुलिस भी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए मौके पर तैनात की गई है. फिलहाल हालात नियंत्रण में बताए जा रहे हैं, लेकिन अफवाहों के कारण लोगों की चिंता बनी हुई है.

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Sumit verma

सुमित वर्मा, News18 में 4 सालों से एसोसिएट एडीटर पद पर कार्यरत हैं. बीते 3 दशकों से सक्रिय पत्रकारिता में अपनी अलग पहचान रखते हैं. देश के नामचीन मीडिया संस्‍थानों में सजग जिम्‍मेदार पदों पर काम करने का अनुभव. प…और पढ़ें



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