तेज धूप से छोट रह जाएंगे गेहूं के दाने, किसान रोज शाम को करें ये काम, कटाई तक फसल सुरक्षित

तेज धूप से छोट रह जाएंगे गेहूं के दाने, किसान रोज शाम को करें ये काम, कटाई तक फसल सुरक्षित


होमताजा खबरकृषि

तेज धूप से छोट रह जाएंगे गेहूं के दाने, किसान रोज शाम को करें ये काम

Last Updated:

Gehun Kheti Tips: तापमान सामान्य रहने पर गेहूं की फसल का विकास बेहतर होता है और उत्पादन अच्छा मिलता है. लेकिन, हाल के दिनों में अचानक बढ़ी गर्मी ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. ज्यादा तापमान का सीधा असर दानों के विकास पर पड़ रहा है, जिससे फसल की गुणवत्ता घटने और उत्पादन कम होने की आशंका बढ़ गई है.

Gehun Kheti Tips: अचानक से बदले मौसम और बढ़ते तापमान का असर अब किसानों की फसलों पर साफ दिखाई देने लगा है. मार्च का महीना किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. खासकर उन किसानों के लिए जो गेहूं की खेती करते हैं. इस समय गेहूं की फसल अपने अंतिम और सबसे अहम चरण में होती है. खेतों में बालियां निकल चुकी होती हैं और दानों के बनने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है. ऐसे में मौसम का संतुलित रहना बेहद जरूरी होता है.

सीधी के कृषि अधिकारी संजय सिंह ने लोकल 18 को बताया कि गेहूं की फसल इस समय दुधिया अवस्था में होती है. इस अवस्था में दाने के अंदर दूध जैसा पदार्थ रहता है, जो धीरे-धीरे पककर मजबूत दाने में बदलता है. यदि इस दौरान तापमान तेजी से बढ़ता है तो दानों के विकास पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. कई बार दाने पूरी तरह विकसित नहीं हो पाते, पिचक जाते हैं या छोटे रह जाते हैं, जिससे फसल की गुणवत्ता और उत्पादन दोनों प्रभावित होते हैं.

सही समय करें सिंचाई
संजय सिंह के अनुसार, अधिक तापमान के कारण पौधों में नमी की कमी हो जाती है, जिससे दानों का भराव ठीक से नहीं हो पाता. इसका सीधा असर किसानों की आय पर पड़ता है और उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है. ऐसे में किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है. बताया कि ऐसी स्थिति से बचने के लिए खेत में नमी बनाए रखना सबसे जरूरी है. मिट्टी में पर्याप्त नमी रहने से खेत का तापमान नियंत्रित रहता है और पौधों को गर्मी से राहत मिलती है. इसके लिए किसानों को नियमित रूप से हल्की सिंचाई करनी चाहिए. खासतौर पर शाम के समय की गई सिंचाई ज्यादा प्रभावी मानी जाती है, क्योंकि इससे मिट्टी की गर्मी कम होती है और लंबे समय तक नमी बनी रहती है.

मार्च के समय इस बात का ध्यान जरूरी
शाम के समय सिंचाई करने से खेत में ठंडक बनी रहती है और पौधों को गर्म हवाओं से बचाव मिलता है. इससे गेहूं के दानों का विकास बेहतर तरीके से होता है. कृषि वैज्ञानिकों ने यह भी सलाह दी है कि यदि तापमान लगातार बढ़ रहा हो तो किसान समय-समय पर हल्की सिंचाई करते रहें. इस तरह यदि किसान मार्च के महीने में थोड़ी सावधानी बरतें और खेत की नमी बनाए रखें, तो बढ़ते तापमान से होने वाले नुकसान को काफी हद तक कम किया जा सकता है. सही समय पर सिंचाई और देखभाल से न केवल फसल सुरक्षित रहेगी, बल्कि किसानों को बेहतर उत्पादन और आर्थिक लाभ भी मिलेगा.

About the Author

Rishi mishra

एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें



Source link