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Guna News: राघौगढ़ में रामनवमी के उल्लास के बीच पुलिस की काम करने के तरीके पर सवाल उठ रहे हैं. रामनवमी के जुलूस में पुलिसकर्मियों ने डीजे बंद करवा दिया था. इसके बाद युवक ने सोशल मीडिया की. फिर पुलिस ने युवक को गिरफ्तार कर लिया और खूब पिटाई. फिर हिंदू संगठनों ने थाने का घेराव कर डाला.
राघौगढ़ में पुलिसवालों ने युवक की जमकर पिटाई की
Gwalior News: गुना जिले के राघौगढ़ में सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट डालने के आरोप में एक युवक के साथ थाने में मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है. घटना के बाद आक्रोशित लोगों और हिंदू संगठनों ने थाने का घेराव कर जमकर नारेबाजी की. मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक हितिका वासल ने दो आरक्षकों को लाइन हाजिर कर दिया है और जांच के निर्देश दिए हैं. पुलिस में लाइन हाजिर का मतलब किसी व्यक्ति को ड्यूटी से हटाकर पुलिस मुख्यालय में तैनात करना होता है. यह एक अनुशासनात्मक कार्रवाई होती है, जिसमें पुलिस कर्मी को वेतन तो पूरा मिलता है.
युवक को दुकान से उठाकर ले गए पुलिसवाले
जानकारी के अनुसार घटना रामनवमी के दिन की बताई जा रही है. जुलूस के दौरान बज रहे डीजे को पुलिस द्वारा बंद कराए जाने के बाद राघौगढ़ निवासी नीरज सैनी ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की थी, जिसमें पुलिस पर धार्मिक कार्यक्रम में व्यवधान डालने के आरोप लगाए गए थे. इसी पोस्ट के बाद कथित तौर पर पुलिसकर्मी युवक को उसकी दुकान से उठाकर थाने ले गए.
परिजनों का आरोप है कि थाने में युवक के साथ लात-घूंसे, बेल्ट और डंडों से बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे वह बेहोश हो गया. बाद में लोग उसे बेहोशी की हालत में थाने से बाहर लाते दिखाई दिए. घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका इलाज अभी जारी है.
हिंदू संगठनों ने थाने का किया घेराव
घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग थाने पहुंच गए और घेराव कर विरोध जताया. इसमें कई हिंदू संगठन भी शामिल रहे. स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को अतिरिक्त बल तैनात करना पड़ा. वहीं मामले में कार्रवाई करते हुए एसपी हितिका वासल ने आरक्षक देवेन्द्र नरूपा और अजय सिकरवार को तत्काल प्रभाव से लाइन अटैच कर दिया है. फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी.
युवक के चाचा मुकेश सैनी ने आरोप लगाया कि मामूली सोशल मीडिया पोस्ट पर इतनी बर्बरता से मारपीट करना गलत है और दोषी पुलिसकर्मियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि युवाओं को झूठे मामलों में फंसाने की शिकायतें भी सामने आ रही हैं.