परिवहन विभाग ने वाहनों से फाइनेंस (हाइपोथिकेशन) हटाने की प्रक्रिया को आसान और पूरी तरह ऑनलाइन बनाने का दावा किया था, लेकिन जमीनी हकीकत अलग है। वाहन मालिकों को आज भी हाइपोथिकेशन हटवाने के लिए बैंक और आरटीओ के बीच चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। पहले वाहन मालिकों को बैंक से एनओसी लेकर आरटीओ में आवेदन करना पड़ता था, जो जटिल और समय लेने वाली प्रक्रिया थी। इसे आसान बनाने के लिए 1 फरवरी से नई व्यवस्था लागू की गई, जिसमें पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और फैसलेस बताई गई। इसके तहत केवल ऑनलाइन आवेदन से बैंक से स्वतः सत्यापन होना चाहिए। लेकिन व्यवस्था ठीक से काम नहीं कर रही। आवेदकों के अनुसार वाहन-4 पोर्टल पर आवेदन के बाद भी उन्हें आरटीओ जाना पड़ रहा है और कई मामलों में प्रक्रिया मैन्युअल तरीके से पूरी हो रही है। बैंक भी एनओसी की वैधता और प्रक्रिया को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं दे पा रहे हैं। भोपाल आरटीओ में हर दिन 30 से 40 ऐसे मामले पहुंचते हैं, जबकि प्रदेश में सालाना यह संख्या 5 लाख से ज्यादा है। एनआईसी द्वारा विकसित सिस्टम में तकनीकी दिक्कतों के कारण आवेदन समय पर प्रोसेस नहीं हो पा रहे हैं। भोपाल आरटीओ डॉ. जितेंद्र शर्मा के अनुसार समस्या होने पर आवेदक सीधे संपर्क कर सकते हैं, समाधान किया जाएगा।
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