नागदा के सिविल अस्पताल से दिनदहाड़े CM हेल्पलाइन के डेटा वाला CPU ले जाने का मामला सामने आया है। सीसीटीवी में कर्नाटक राज्यपाल डॉ. थावरचंद गहलोत के पोते मनीष गहलोत दिख रहे हैं। हालांकि, बाद में सीपीयू वापस अस्पताल में रख दिया गया। वहीं मामले में अस्पताल प्रशासन ने चुप्पी साध ली है। बीएमओ का कहना है कि वे छुट्टी पर थे। नागदा उज्जैन जिले में आता है। वहीं पुलिस का कहना है कि अब तक उन्हें ऐसी कोई शिकायत नहीं मिली है। देखिए अस्पताल की तीन तस्वीरें वीडियो में साथ जाते दिखे मनीष गहलोत 25 मार्च की दोपहर 3 से 4 बजे के बीच नागदा के सिविल अस्पताल की पहली मंजिल के कॉरिडोर में एक व्यक्ति कमरा नंबर 23 (कम्प्यूटर कक्ष) से CPU उठाकर बाहर निकलते हुए दिखाई देता है। उसके साथ मनीष गहलोत भी निकलते दिख रहे हैं। इसके बाद सीपीयू को वापस अस्पताल में दे दिया गया। मनीष गहलोत बोले- बाद में लौटा दिया गया CPU इस बारे में मनीष गहलोत से बात की गई तो उन्होंने बताया कि वे स्वयं एक अस्पताल चलाते हैं और उसी के काम से अस्पताल गए थे। मनीष ने स्वीकारा कि सीपीयू ले जाने वाला व्यक्ति उनके ही अस्पताल में काम करता है। मनीष ने कहा- मैं वहां डॉक्टर्स और अस्पताल के स्टाफ से बात कर रहा था। इसी बीच CPU को लेकर बात बिगड़ने लगी। बाद में CPU लौटा दिया गया। बीएमओ बोले- मैं उस दिन मौके पर नहीं था ऐसा बताया गया है कि घटना के समय अस्पताल के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) शिवराज कौशल मौके पर मौजूद थे। इसके बावजूद उन्होंने इसकी सूचना पुलिस थाने में नहीं दी। हालांकि, जब बीएमओ से फोन पर बात की गई तो उन्होंने बताया कि वे तो उस दिन अवकाश पर थे। CPU में था सीएम हेल्पलाइन का डाटा अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार इस सीपीयू में सीएम हेल्पलाइन का जरूरी डेटा था। जो कोई भी व्यक्ति ऐसे ही नहीं शेयर कर सकता। इसके बाद भी कम्प्यूटर रूम से इस तरह से इसे अस्पताल से बाहर ले जाया गया। बताया गया है कि इसे चोरी के इरादे से नहीं निकाला गया था। टीआई बोले- शिकायत होगी तो निश्चित कार्रवाई होगी
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