धार के भोजशाला मामले में मुस्लिम पक्ष ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर बेंच में प्रस्तावित सुनवाई से असंतुष्टि जताते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। कमाल मौलाना वेलफेयर सोसायटी ने विशेष आवेदन दायर कर मांग की है कि 2 अप्रैल को प्रस्तावित सुनवाई से पहले 1 अप्रैल को उनकी आपत्तियों पर सुनवाई की जाए। सोसायटी के अध्यक्ष अब्दुल समद के अनुसार, 11 मार्च को एएसआई सर्वे की वीडियोग्राफी उपलब्ध कराने की मांग की गई थी। हालांकि 16 मार्च की सुनवाई में इस मुद्दे पर न तो चर्चा हुई और न ही कोई आदेश पारित किया गया। सोसायटी का आरोप है कि उनकी आपत्तियों पर समुचित विचार नहीं किया गया। उनका यह भी कहना है कि हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की याचिका सुनवाई योग्य नहीं है, फिर भी उस पर आगे बढ़ा जा रहा है। इन्हीं बिंदुओं को आधार बनाते हुए मुस्लिम पक्ष ने सर्वोच्च न्यायालय में विशेष आवेदन प्रस्तुत किया है। मामले में अब सुप्रीम कोर्ट के रुख पर सभी पक्षों की नजरें टिकी हैं।
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