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Divyang Couple Success Story: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में दिव्यांग पति-पत्नी की यह प्रेरणादायक कहानी हर किसी को हिम्मत देती है. 2 लाख के लोन से शुरू किया गया छोटा सा सांची पॉइंट आज उन्हें लाखों की कमाई दे रहा है. समाज के तानों को नजरअंदाज कर उन्होंने मेहनत और लगन से अपनी पहचान बनाई है. उनकी खास छाछ और मेहनत ने उन्हें स्थानीय स्तर पर लोकप्रिय बना दिया है. जानिए कैसे संघर्ष से सफलता तक का यह सफर हर किसी के लिए मिसाल बन गया.
Success Story: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले की ये कहानी दिल छू लेने वाली है. यहां डाकवाड़ी इलाके में रहने वाले रविंद्र चौधरी और उनकी पत्नी दुर्गा चौधरी, दोनों ही दिव्यांग हैं. लेकिन जिस समाज ने कभी उन्हें ताने दिए, उसी समाज के सामने आज उन्होंने अपनी मेहनत से मिसाल कायम कर दी है.
2 लाख के लोन से शुरू हुआ सफर
साल 2012 में जब हालात बहुत खराब थे और घर चलाना मुश्किल हो रहा था, तब इस दंपति ने हार नहीं मानी. उन्होंने 2 लाख रुपए का लोन लिया और ‘सांची पॉइंट’ और ठंडे पेय की छोटी सी दुकान शुरू की. शुरुआत आसान नहीं थी कई बार नुकसान हुआ, लोगों ने भरोसा भी नहीं किया, लेकिन दोनों ने हिम्मत नहीं छोड़ी.
पत्नी बनी सबसे बड़ी ताकत
रविंद्र बताते हैं कि उनकी सफलता के पीछे सबसे बड़ा हाथ उनकी पत्नी दुर्गा का है. दोनों ने मिलकर हर मुश्किल का सामना किया. जहां एक तरफ शारीरिक चुनौतियां थीं, वहीं दूसरी तरफ आर्थिक परेशानी, लेकिन दोनों ने एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ा.
खास छाछ ने दिलाई पहचान
गर्मी के मौसम में ये दंपति अपने हाथों से मसालेदार नमकीन छाछ बनाते हैं, जो लोगों को खूब पसंद आती है. धीरे-धीरे उनकी दुकान इलाके में फेमस हो गई. लोग खासतौर पर उनकी छाछ पीने के लिए आने लगे. इसी से उनकी आमदनी बढ़ती चली गई.
आज लाखों में हो रही कमाई
आज उनकी सालाना कमाई करीब 4 से 5 लाख रुपए तक पहुंच गई है. जो कभी दूसरों के सहारे थे, आज खुद आत्मनिर्भर बन चुके हैं. इतना ही नहीं, उन्होंने अपने बिजनेस के जरिए दो लोगों को रोजगार भी दे रखा है.
अब दूसरों को देना चाहते हैं मौका
रविंद्र का सपना अब सिर्फ खुद तक सीमित नहीं है. वो चाहते हैं कि आगे चलकर और लोगों को रोजगार दें और अपने इलाके में नए अवसर पैदा करें. उनके लिए ये सिर्फ बिजनेस नहीं, बल्कि एक मिशन बन चुका है. इस कहानी से यही सीख मिलती है कि अगर इरादा मजबूत हो, तो कोई भी कमी आपको आगे बढ़ने से नहीं रोक सकती. हालात चाहे जैसे हों, मेहनत और हिम्मत से सब कुछ बदला जा सकता है.
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Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें