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भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ आईपीएल मैच में रोहित शर्मा के सामने सुनील नारायण को गेंदबाजी नहीं देने पर केकेआर कप्तान अजिंक्य रहाणे की आलोचना की. रोहित शानदार बल्लेबाजी कर रहे थे, उन्होंने 38 गेंदों में 78 रन बनाए और रेयान रिकलटन (81 रन) के साथ 72 गेंदों में 148 रन की साझेदारी की.
कप्तान की गलती से हार गया कोलकाता नाइटराइ,डर्स, सुनील नरेन को पावर प्ले गेंदबाजी ना कराना महंगा पड़ा
नई दिल्ली. मुंबई इंडियंस के लिए केल चुके भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ मैच में कोलकाता नाइट राइडर्स के कप्तान अजिंक्य रहाणे की रणनीति पर सवाल उठाए. खास तौर पर उन्होंनेसुनील नरेन को पावरप्ले में गेंदबाजी न देने के फैसले को बड़ी चूक बताया.
भारत के पूर्व ऑफ स्पिनर हरभजन सिंह ने मुंबई इंडियंस के खिलाफ आईपीएल मैच में रोहित शर्मा के सामने सुनील नारायण को गेंदबाजी नहीं देने पर केकेआर कप्तान अजिंक्य रहाणे की आलोचना की. रोहित शानदार बल्लेबाजी कर रहे थे, उन्होंने 38 गेंदों में 78 रन बनाए और रेयान रिकलटन (81 रन) के साथ 72 गेंदों में 148 रन की साझेदारी की.
रहाणे से हुई बड़ी चूक
हरभजन सिंह ने कहा कि उस वक्त रहाणे ने नारायण को गेंदबाजी नहीं दी, जबकि मुंबई के इस स्टार खिलाड़ी के खिलाफ नारायण का रिकॉर्ड काफी अच्छा है. हरभजन ने जियोस्टार से कहा, ‘सबसे अच्छा होता अगर पावरप्ले में नारायण से गेंदबाजी कराई जाती, कम से कम एक-दो ओवर तो जरूर ताकि रोहित को शुरुआत में ही आउट किया जा सके. विकेट लेकर मुंबई पर दबाव बनाने का यही सबसे अच्छा मौका था. नारायण ने अपने पूरे ओवर भी नहीं फेंके, जिससे पता चलता है कि कप्तानी उस स्तर की नहीं थी.
रोहित रिकल्टन ने मौका नहीं दिया
हरभजन ने आगे कहा, ‘रोहित और रिकलटन को इसका श्रेय जाता है. उन्होंने आसानी से बल्लेबाजी की और गेंदबाजों को कभी दबाव नहीं बनाने दिया. लेकिन केकेआर इससे बेहतर तरीके से खेल सकती थी.’ हरभजन के पूर्व साथी और विश्लेषक इरफान पठान ने शार्दुल ठाकुर की तारीफ करते हुए कहा कि उन्होंने सपाट पिच पर 39 रन देकर तीन विकेट लिए. पठान ने कहा, ‘वह ऐसे गेंदबाज नहीं हैं जो घबरा जाएं, चाहे बल्लेबाज उन पर दबाव बना रहे हों. वह लगातार अपनी गेंदबाजी करते रहते हैं. उनकी सबसे खास बात अपनी गेंदबाजी में विविधता का इस्तेमाल करना है.
शार्दुल का अपना समीकरण
पठान का मानना है कि शार्दुल हमेशा कुछ नया करने की कोशिश करते रहते हैं. उन्होंने कहा, ‘हर बार जब वह अपना रन-अप शुरू करते हैं तो वह अपनी ग्रिप बदल रहे होते हैं, चाहे वह धीमी गेंद के लिए हो, क्रॉस-सीम के लिए या सीम गेंद के लिए. वह हमेशा कुछ अलग करने की कोशिश में रहते हैं.’ पठान ने कहा, ‘वह बल्लेबाजों को बड़े शॉट खेलने के लिए उकसाते हैं और इसी में उन्हें सफलता मिलती है. उनके पास बहुत तेज रफ्तार या स्विंग नहीं है, लेकिन वह लगातार प्रयोग करते रहते हैं. वह अलग लेंथ, अलग गति की वजह से लगातार विकेट लेते रहते हैं.