मध्यप्रदेश के किसानों के लिए गेहूं उपार्जन का इंतजार खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य सरकार ने एक बार फिर गेहूं खरीदी की तारीखों में बदलाव कर दिया है। अब प्रदेश के बड़े संभागों को छोड़कर बाकी क्षेत्रों में किसानों को अपनी फसल बेचने के लिए 15 अप्रैल तक का इंतजार करना होगा। पहले सरकार ने 1 अप्रैल से गेहूं खरीदी के लिए समय तय किया था। सरकार के इस फैसले के बाद प्रदेश की सियासत भी गरमा गई है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा जारी नए आदेश के मुताबिक, अब प्रदेश में दो अलग-अलग तारीखों पर खरीदी शुरू होगी: 10 अप्रैल से: इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में उपार्जन शुरू होगा। 15 अप्रैल से: प्रदेश के अन्य सभी संभागों के किसानों को 15 अप्रैल तक इंतजार करना होगा। पूर्व सीएम दिग्विजय सिंह का हमला: “सरकार केवल तारीखें बढ़ा रही”
सरकार के इस फैसले पर पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर सरकार को घेरते हुए लिखा कि किसान अपनी मेहनत की फसल लेकर तैयार खड़ा है, लेकिन सरकार केवल तारीखें बढ़ाकर उसे गुमराह कर रही है। सिंह ने कहा किसान को अपना गेहूं तुलवाने के लिए मिल रही है तारीख पर तारीख। माननीय मुख्यमंत्री मोहन यादव जी, किसानों की महीनों की कड़ी मेहनत खेत-खलिहानों में खुले आसमान के नीचे पड़ी है। इस फसल के साथ किसानों के बच्चों के सपने और उनके परिवार की उम्मीदें जुड़ी होती हैं। अरुण यादव बोले- तीन बार बदली गई तारीख पूर्व केंद्रीय मंत्री अरुण यादव ने भी सरकार की कार्यप्रणाली पर कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार अब तक तीन बार तारीखें बदल चुकी है। पहले: 16 मार्च फिर: 1 अप्रैल अब: 10 और 15 अप्रैल यादव ने तंज कसते हुए कहा- किसान विरोधी भाजपा सरकार की संवेदनहीनता देखिए, किसानों की महीनों की मेहनत खेत- खलिहानों में खुले आसमान के नीचे पड़ी है, लेकिन सरकार गेहूं उपार्जन की सिर्फ तारीख पर तारीख दे रही है । पहले 16 मार्च दी, फिर 1 अप्रैल कर दी और अब 10 अप्रैल। किसान पस्त है और सरकार मस्त है।
Source link