शहर के सूरजकुंड वार्ड में रेलवे के निर्माणाधीन कार्य के चलते अतिक्रमण प्रभावित क्षेत्र को लेकर प्रशासन और सत्ता-संगठन स्तर पर अहम बैठक हुई। महापौर अमृता यादव ने कलेक्टर से मुलाकात कर लोगों की समस्याओं और आजीविका पर पड़ने वाले असर को प्रमुखता से उठाया। बैठक में महापौर ने साफ कहा कि, रेलवे द्वारा निर्माण के नाम पर किसी भी व्यक्ति के साथ अन्याय ना किया जाए। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि पहले प्रभावित परिवारों का उचित विस्थापन किया जाए, उसके बाद ही मकान तोड़ने जैसी कार्रवाई की जाए, साथ ही पात्र लोगों को नियमानुसार मुआवजा भी दिया जाए। चर्चा के दौरान कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने सिटी मजिस्ट्रेट बजरंग बहादुर को निर्देश दिए कि अतिक्रमण वाले क्षेत्रों का स्पष्ट चिन्हांकन किया जाए और नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित हो। साथ ही यह भी कहा गया कि जिन लोगों के पास भूमि के वैध दस्तावेज होंगे, उन्हें रेलवे विभाग द्वारा मुआवजा प्रदान किया जाएगा। इसके अलावा, इस बात पर भी जोर दिया गया कि पूरी प्रक्रिया पारदर्शिता और संवेदनशीलता के साथ की जाए, ताकि किसी भी प्रभावित नागरिक के साथ अन्याय न हो। प्रशासन और रेलवे के बीच समन्वय बनाकर समाधान निकालने पर सहमति बनी। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष राजपाल सिंह तोमर, जिला महामंत्री धर्मेंद्र बजाज, जिला उपाध्यक्ष प्रियांशु चौरे, MIC सदस्य सोमनाथ काले, पार्षद संतोष सारवान, वेदप्रकाश मालाकार सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
Source link