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Khandwa News: मंदिर में स्थापित भगवान गणेश की प्रतिमा राजस्थान से विशेष रूप से बनवाकर लाई गई है. यह पंचमुखी हेरंब गणेश की दुर्लभ प्रतिमा है, जिसमें भगवान अपने पूरे परिवार के साथ शेर पर विराजमान हैं.
खंडवा. मध्य प्रदेश के खंडवा शहर का एक अनोखा मंदिर इन दिनों श्रद्धालुओं के बीच खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है. यहां भगवान गणेश अपने पारंपरिक रूप में नहीं बल्कि पंचमुखी हेरंब गणेश के रूप में शेर पर विराजमान हैं. यही वजह है कि यह मंदिर पूरे प्रदेश में अपनी अलग पहचान रखता है और देश में भी इस स्वरूप में यह चौथे स्थान पर माना जाता है. खंडवा के लक्ष्मण नगर में स्थित यह हेरंब गणेश मंदिर आस्था के साथ-साथ अपनी अनोखी मान्यता के लिए भी प्रसिद्ध है. यहां दूर-दूर से श्रद्धालु अपनी मनोकामनाएं लेकर पहुंचते हैं और विश्वास है कि सच्चे मन से मांगी गई हर इच्छा यहां जरूर पूरी होती है.
हेरंब गणेश मंदिर की स्थापना की कहानी भी बेहद खास और आस्था से जुड़ी हुई है. स्थानीय लोगों के अनुसार, स्वर्गीय डॉ गौतम को एक रात सपने में भगवान गणेश के दर्शन हुए थे. सपने में उन्हें इस स्थान पर भगवान की स्थापना करने का संकेत मिला. इसके बाद उन्होंने अपने परिवार और कॉलोनी के लोगों को इस बारे में बताया. शुरुआत में लोगों ने इसे एक सामान्य सपना माना लेकिन जब इस विषय पर संतों और विद्वानों से चर्चा की गई, तो इसे दिव्य संकेत माना गया. इसके बाद पूरे क्षेत्र के लोगों ने मिलकर मंदिर निर्माण का निर्णय लिया. मंदिर निर्माण की सबसे खास बात यह रही कि इसमें महिलाओं की भूमिका बेहद अहम रही. मातृ शक्ति महिला मंडल की सदस्य मनोरमा नामदेव, निशा भरके, आशा दीदी, सरला बोंद्रे, आई ठाकरे, द्वारका मंडलोई, वर्षा दीदी, हर्षा कोष्टी, रजनी कोष्टी और भूरी दीदी ने आगे बढ़कर जिम्मेदारी संभाली. इन्होंने शहरभर से चंदा एकत्र कर मंदिर का निर्माण कराया. आज भी मंदिर की देखरेख और धार्मिक कार्यक्रमों का संचालन मुख्य रूप से महिलाएं ही करती हैं.
राजस्थान से लाए हेरंब गणेश की मूर्ति
मंदिर में स्थापित भगवान गणेश की मूर्ति राजस्थान से विशेष रूप से बनवाकर लाई गई है. यह पंचमुखी हेरंब गणेश की दुर्लभ मूर्ति है, जिसमें भगवान अपने पूरे परिवार के साथ शेर पर विराजमान हैं. करीब पांच फीट ऊंची यह प्रतिमा अपनी बनावट और स्वरूप के कारण बेहद आकर्षक और दिव्य मानी जाती है.
हर मनोकामना पूरी करते हैं हेरंब गणेश
मंदिर के पुजारी राम सिंह तोमर लोकल 18 को बताते हैं कि वह पिछले पांच साल से यहां सेवा दे रहे हैं. उनके अनुसार, इस मंदिर की स्थापना वर्ष 2012 के आसपास हुई थी और तभी से यह स्थान श्रद्धालुओं के लिए आस्था का प्रमुख केंद्र बन गया है. उनका कहना है कि यह सिद्ध गणेश मंदिर है, जहां आने वाले भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. हेरंब गणेश का यह स्वरूप बेहद खास माना जाता है क्योंकि सामान्यतः भगवान गणेश को मूषक पर विराजमान देखा जाता है लेकिन यहां वह शेर पर विराजे हैं, जो शक्ति और साहस का प्रतीक है. यही विशेषता इस मंदिर को अन्य गणेश मंदिरों से अलग बनाती है.
खास अवसरों पर मेले जैसा माहौल
आज यह मंदिर न सिर्फ खंडवा बल्कि पूरे मध्य प्रदेश में अपनी खास पहचान बना चुका है. यहां रोजाना संख्या में श्रद्धालु दर्शन करने पहुंचते हैं और खास अवसरों पर यहां मेले जैसा माहौल देखने को मिलता है. ऐसे में हेरंब गणेश मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि आस्था, विश्वास और चमत्कार का संगम बन चुका है, जहां हर भक्त एक उम्मीद लेकर आता है और संतोष के साथ लौटता है.
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राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.