शाजापुर जिले में 1 अप्रैल से जमीन की खरीद महंगी हो गई है। केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड भोपाल ने वर्ष 2026-27 के लिए नई गाइडलाइन दरों को मंजूरी दी है, जिसके बाद जिले की 754 लोकेशन पर दरों में 10 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि लागू की गई है। इन लोकेशन में 317 शहरी और 437 ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं, जबकि 620 लोकेशन पर दरें पहले जैसी ही बनी हुई हैं। अब प्रॉपर्टी खरीदारों को अधिक भुगतान करना होगा नई दरें लागू होने से अब प्रॉपर्टी खरीदारों को अधिक भुगतान करना होगा। दरों में वृद्धि की आशंका के कारण मार्च के अंतिम दिनों में पंजीयन कार्यालयों में भारी भीड़ देखी गई। अवकाश के दिनों में भी रजिस्ट्री कार्यालय खुले रहे, और 31 मार्च को बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी संपत्तियों का पंजीयन कराया। शहर के विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में अलग-अलग दरों से वृद्धि की गई है। कुछ इलाकों में मामूली बढ़ोतरी हुई है, वहीं नाग-नागिनी रोड, सरस्वती नगर और नई सड़क जैसे क्षेत्रों में 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। निर्माण लागत में भी बढ़ोतरी जमीन के साथ-साथ भवन निर्माण लागत में भी वृद्धि की गई है। नगर पालिका क्षेत्र में आवासीय निर्माण की लागत 10 हजार से बढ़ाकर 11 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर कर दी गई है। व्यावसायिक निर्माण के लिए यह दर 13 हजार रुपए और कार्यालय-गोदाम के लिए 12 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर निर्धारित की गई है। नगर परिषद और ग्रामीण क्षेत्रों में भी निर्माण लागत में 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। कोरोना काल के बाद निर्माण लागत में यह पहली वृद्धि है। इस बढ़ोतरी से अब संपत्ति की खरीद और निर्माण दोनों ही महंगे हो गए हैं।
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