शक्तिपीठ मां शारदा देवी धाम के समग्र कायाकल्प के लिए प्रस्तावित ‘मां शारदा लोक’ परियोजना अब धरातल पर उतरने को तैयार है। बुधवार को रीवा संभाग के कमिश्नर बीएस जामोद और आईजी गौरव राजपूत ने मैहर पहुंचकर मास्टर प्लान की समीक्षा की। परियोजना को तीन चरणों में विकसित किया जाएगा, जिसका मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुगम दर्शन के साथ एक अद्वितीय आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करना है। तीन जोन में बंटा होगा ‘मां शारदा लोक’ कंसलटेंसी एजेंसी ‘धरोहर’ द्वारा प्रस्तुत लेआउट के अनुसार, घंटाघर चौक से लेकर मुख्य मंदिर, आल्हा ताल, आल्हा अखाड़ा और मेला परिसर को तीन अलग-अलग जोन में विभाजित किया गया है। सुविधाएं: परिसर में आधुनिक मुंडन संस्कार भवन, विशाल यज्ञशाला, भजन संध्या स्थल और नवग्रह वाटिका का निर्माण होगा। श्रद्धालु मार्ग: परिक्रमा पथ पर आकर्षक शेल्टर और विश्राम स्थल बनाए जाएंगे ताकि भक्तों को धूप और बारिश से राहत मिल सके। 15 मई तक निविदा प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश कमिश्नर बीएस जामोद ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि 15 मई तक टेंडर की प्रक्रिया पूर्ण कर निर्माण कार्य हर हाल में शुरू कर दिया जाए। उन्होंने विशेष रूप से जोर दिया कि निर्माण के दौरान त्रिकूट पर्वत की प्राकृतिक सुंदरता और इसके धार्मिक स्वरूप से कोई समझौता न किया जाए। सीमित भौगोलिक परिस्थिति को देखते हुए उन्होंने सुगम दर्शन व्यवस्था को प्राथमिकता देने की बात कही। रोपवे की क्षमता बढ़ाने समेत अन्य प्रस्ताव रखे आईजी गौरव राजपूत ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के दृष्टिकोण से सुझाव दिया कि भविष्य में प्रतिदिन 50 हजार से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना को ध्यान में रखकर बुनियादी ढांचा तैयार किया जाए। वहीं, कलेक्टर रानी बाटड ने पुलघटा क्षेत्र में व्यवस्थित पार्किंग, रोपवे की क्षमता बढ़ाने और बंधा बैरियर के समीप एक अत्याधुनिक ऑडिटोरियम निर्माण का प्रस्ताव रखा। अधिकारियों ने किया निरीक्षण बैठक के बाद वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रस्तावित निर्माण स्थलों का बारीकी से निरीक्षण किया। जल्द ही संबंधित विभागों द्वारा एक संयुक्त सर्वे किया जाएगा, जिसके बाद मास्टर प्लान को अंतिम रूप देकर निर्माण की दिशा में कदम बढ़ाए जाएंगे। इस दौरान मंदिर प्रबंधन समिति और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
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