अवैध क्लीनिकों पर प्रशासन की कार्रवाई: बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे दो अस्पताल सील, मची खलबली – Gwalior News

अवैध क्लीनिकों पर प्रशासन की कार्रवाई:  बिना रजिस्ट्रेशन चल रहे दो अस्पताल सील, मची खलबली – Gwalior News




शहर में अवैध रूप से संचालित हो रहे क्लीनिकों और झोलाछाप डॉक्टरों के खिलाफ बुधवार को स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कार्रवाई की। इसके तहत इंदिरा नगर क्षेत्र में चल रहे दो अनधिकृत क्लीनिकों को सील किया गया। सीएमएचओ डॉ. सचिन श्रीवास्तव की टीम में डॉ. उमेश मौर्य और शाखा प्रभारी पुरेंद्र राजपूत शामिल थे। जब टीम चौहान प्याऊ पहुँची तो वहाँ अफरा-तफरी मच गई। हरीशचंद्र विश्वास क्लीनिक पर एक मरीज को बोतल चढ़ाई जा रही थी, जबकि संचालक के पास इलाज का कोई अधिकार नहीं था। वहीं, दूसरे मामले में डिग्री होने के बावजूद अस्पताल का विधिवत पंजीयन न होना लापरवाही की इंतहा पाया गया। सीएमएचओ डॉ. सचिन श्रीवास्तव ने स्पष्ट किया है कि आमजन के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि “शहर में बिना अनुमति और बिना रजिस्ट्रेशन के चल रहे क्लीनिकों की मॉनिटरिंग की जा रही है।” हरीशचंद्र विश्वास क्लीनिक: यहाँ आरएमपी स्तर पर प्रैक्टिस की जा रही थी, लेकिन क्लीनिक का सीएमएचओ कार्यालय में पंजीयन नहीं मिला। यह एक मरीज को ग्लूकोज की बोतल चढ़ा रहा था। एलोपैथी पद्धति से मरीजों का इलाज करता है। टीम ने तत्काल इसे सील कर दिया। लोकेंद्र सिंह राणा क्लीनिक: इस क्लीनिक को एक बीएएमएस डॉक्टर द्वारा संचालित किया जा रहा था। एलोपैथी पद्धति से मरीजों का इलाज करता है। क्लीनिक का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया गया था। चौहान प्याऊ इलाके में हुई कार्रवाई। टीम ने इंदिरा नगर (चौहान प्याऊ) क्षेत्र में जाँच के दौरान पाया कि यहाँ क्लीनिकों के पास वैधानिक दस्तावेज और रजिस्ट्रेशन नहीं थे। बदलाव: वर्तनी की गलतियाँ ठीक की गईं (जैसे किया को “किया” किया गया)। विराम चिह्न जोड़े गए। वाक्यों को अधिक स्पष्ट और संक्षिप्त बनाया गया। शैली में सुधार किया गया।



Source link