गर्मियां आते ही कार का एसी (Car AC) लग्जरी नहीं बल्कि जरूरत बन जाता है. कई लोगों की गाड़ी में चिलचिलाती धूप के दौरान कार का एसी अचानक कूलिंग कम कर देता है या बिल्कुल बंद हो जाता है. ऐसे में हमारे दिमाग में सबसे पहला ख्याल ‘गैस खत्म होने’ का आता है.
हालांकि, मैकेनिक के पास जाने से पहले ये जान लेना जरूरी है कि एसी गैस रिफिलिंग का असली खर्च क्या है और कहीं आप धोखाधड़ी के शिकार तो नहीं हो रहे? कई बार समस्या छोटी सी होती है, लेकिन जानकारी के अभाव में मैकेनिक आपसे हजारों रुपये वसूल लेते हैं. आइए जानते हैं कि खुद ही इस प्रोसेस को कैसे किया जा सकता है.
कार एसी गैस रिफिलिंग का औसत खर्च
भारत में कार एसी की गैस रिफिलिंग का खर्च मुख्य रूप से दो चीजों पर निर्भर करता है- गैस की क्वालिटी और आपकी कार का मॉडल. आमतौर पर बाजार में दो तरह की गैस (Refrigerant) इस्तेमाल होती है, जिसमें R134a सबसे ज्यादा कॉमन है. खर्च का ब्रेकडाउन कुछ इस प्रकार है-
- हैचबैक और सेडान (जैसे Swift, i20, Dzire): इनकी गैस रिफिलिंग का खर्च ₹1,200 से ₹2,500 के बीच आ सकता है.
- SUV और लग्जरी गाड़ियां (जैसे Fortuner, XUV700): इनमें गैस की मात्रा ज्यादा लगती है, इसलिए इसका खर्च ₹2,500 से ₹4,500 तक जा सकता है.
सिर्फ गैस भरना काफी नहीं, लीकेज की जांच जरूरी
अगर आपकी कार का एसी कूलिंग नहीं कर रहा, तो 90% मामलों में गैस लीक (Leakage) की समस्या होती है. एसी गैस कभी ‘खत्म’ नहीं होती, वह केवल लीक होती है. अगर आपको जानना है कि क्या गैस लीक हो रही है, तो नीचे दिए गए स्टेप फॉलो करें-
1. लीकेज टेस्टिंग: मैकेनिक को गैस भरने से पहले लीकेज चेक करने को कहें. इसका अलग से ₹300-₹500 चार्ज लग सकता है. अगर बिना लीकेज ठीक किए गैस भरी गई, तो 15 दिन में फिर से गैस उड़ जाएगी और आपके पैसे बर्बाद होंगे.
2. कंप्रेसर ऑयल: गैस रिफिल करते समय थोड़ा ‘कंप्रेसर ऑयल’ भी डाला जाता है. सुनिश्चित करें कि मैकेनिक इसे शामिल कर रहा है, ताकि कंप्रेसर स्मूथ चले.
मैकेनिक आपको कैसे बना सकते हैं ‘बेवकूफ’?
अक्सर मैकेनिक कम कूलिंग होने पर सीधे कंप्रेसर खराब होने का डर दिखाते हैं. कंप्रेसर बदलवाने का खर्च ₹10,000 से ₹20,000 तक हो सकता है. कंप्रेसर बदलने की बात मानने से पहले किसी दूसरे मैकेनिक से ‘सेकंड ओपिनियन’ जरूर लें. कई बार सिर्फ एसी फिल्टर (Cabin Filter) गंदा होने या कंडेंसर पर मिट्टी जमने से भी कूलिंग कम हो जाती है.
पैसे बचाने के लिए रखें इन बातों का ध्यान
- सर्विस सेंटर Vs लोकल मैकेनिक: ऑथराइज्ड सर्विस सेंटर पर खर्च 20-30% ज्यादा हो सकता है, लेकिन वहां गैस की प्योरिटी और वारंटी की गारंटी मिलती है.
- कंडेंसर की सफाई: गैस रिफिल कराने से पहले कंडेंसर को प्रेशर वॉश से साफ करवाएं. इससे हीट एक्सचेंज बेहतर होता है और कूलिंग बढ़ जाती है.
- एसी गैस का ब्रांड: हमेशा स्टैंडर्ड ब्रांड की गैस ही डलवाएं. सस्ती या लोकल गैस कंप्रेसर की लाइफ कम कर सकती है.
अगली बार जब आप मैकेनिक के पास जाएं, तो इन रेट्स और बातों को ध्यान में रखें. सही जानकारी ही आपकी जेब कटने से बचा सकती है.