दुनिया के 5 क्रिकेटर…जिन्होंने बिना शतक लगाए बना दिए सबसे ज्यादा रन

दुनिया के 5 क्रिकेटर…जिन्होंने बिना शतक लगाए बना दिए सबसे ज्यादा रन


नई दिल्ली. टेस्ट क्रिकेट के लंबे इतिहास में कुछ ऐसे आंकड़े होते हैं जो खिलाड़ी की महानता तो बताते हैं. लेकिन साथ ही एक अधूरे सपने की दास्तां भी बयां करते हैं. क्रिकेट के मैदान पर ‘नर्वस नाइंटीज’ का शिकार होना आम बात है, लेकिन कुछ दिग्गज ऐसे रहे जिन्होंने रनों का अंबार तो खड़ा किया, पर कभी तिहरे अंक यानी शतक तक नहीं पहुंच सके. हम उन पांच खिलाड़ियों के बारे में जानेंगे जिन्होंने टेस्ट करियर में सबसे ज्यादा रन बनाए, लेकिन उनके नाम के आगे ‘100’ का कॉलम हमेशा शून्य रहा.

ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज स्पिनर शेन वॉर्न (Shane Warne) का नाम इस लिस्ट में सबसे ऊपर आता है. वॉर्न ने 1992 से 2007 के बीच 145 टेस्ट मैच खेले और सबसे ज्यादा 3154 रन बनाए. यह किसी भी ऐसे बल्लेबाज द्वारा बनाए गए सर्वाधिक रन हैं जिसने कभी शतक नहीं लगाया. वॉर्न की कहानी सबसे ज्यादा दर्दनाक इसलिए है क्योंकि वह अपने शतक के बेहद करीब पहुंचकर चूक गए थे. न्यूजीलैंड के खिलाफ पर्थ टेस्ट में उन्होंने 99 रन बनाए थे और डेनियल विटोरी की गेंद पर आउट हो गए. वॉर्न ने अपने करियर में 12 अर्धशतक जड़े और 353 चौके लगाए, लेकिन वह जादुई 100 का आंकड़ा हमेशा उनसे एक रन दूर रह गया.

टेस्ट क्रिकेट में बिना एक भी शतक लगाए सबसे ज्यादा रन बनाने वाले 5 बल्लेबाज.

मॉडर्न क्रिकेट में निरोशन डिकवेला का संघर्ष
श्रीलंका के विकेटकीपर बल्लेबाज निरोशन डिकवेला (Niroshan Dickwella) इस फेहरिस्त में दूसरे नंबर पर हैं. 2014 से 2023 के बीच डिकवेला ने 54 मैचों में 2757 रन जोड़े. उनकी बल्लेबाजी की सबसे खास बात उनका स्ट्राइक रेट (66.46) रहा, जो टेस्ट में काफी प्रभावशाली माना जाता है. डिकवेला ने 22 बार अर्धशतक का आंकड़ा पार किया, जो इस लिस्ट में मौजूद किसी भी खिलाड़ी से ज्यादा है. इसके बावजूद, उनका उच्चतम स्कोर 96 रन ही रहा. डिकवेला की कहानी दिखाती है कि निरंतरता होने के बावजूद कभी-कभी किस्मत अंतिम बाधा पार करने में साथ नहीं देती.

पुछल्ले बल्लेबाजों के सुल्तान मिचेल स्टार्क
ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज मिचेल स्टार्क (Mitchell Starc) न केवल अपनी गेंदबाजी बल्कि अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के लिए भी जाने जाते हैं. 2011 से 2026 तक के अपने शानदार करियर में स्टार्क ने 105 मैचों में 2478 रन बनाए हैं. शेन वॉर्न की तरह स्टार्क भी 99 के फेर में फंस चुके हैं. भारत के खिलाफ मोहाली टेस्ट में वह 99 रन पर आउट हुए थे. स्टार्क के आंकड़ों में सबसे दिलचस्प बात उनके छक्के हैं. उन्होंने अब तक 49 छक्के लगाए हैं, जो लोअर ऑर्डर के बल्लेबाज के तौर पर उनकी मारक क्षमता को दर्शाते हैं. 13 अर्धशतक लगाने के बाद भी स्टार्क आज भी अपने पहले टेस्ट शतक की तलाश में हैं.

न्यूजीलैंड के कप्तान टिम साउदी की बेखौफ बल्लेबाजी
न्यूजीलैंड के पूर्व कप्तान टिम साउदी (Tim Southee) इस लिस्ट में एक अनोखा नाम हैं. 107 मैचों में 2245 रन बनाने वाले साउदी का बल्लेबाजी अंदाज किसी टी20 मैच जैसा नजर आता है. उनका स्ट्राइक रेट 82.68 का है, जो वीरेंद्र सहवाग जैसे दिग्गजों की याद दिलाता है. साउदी ने अपने करियर में 98 छक्के लगाए हैं, जो उन्हें टेस्ट इतिहास के सबसे बड़े हिटर्स में से एक बनाता है. हालांकि, उनका उच्चतम स्कोर नाबाद 77 रन रहा. साउदी ने कभी क्रीज पर टिककर लंबी पारी खेलने की कोशिश नहीं की, बल्कि वह हमेशा तेजी से रन बनाने के चक्कर में रहे, शायद यही वजह रही कि 7 अर्धशतक लगाने के बाद भी वह शतक तक नहीं पहुंच पाए.

भारतीय क्रिकेट के अनसंग हीरो चेतन चौहान
भारत के महान ओपनर चेतन चौहान (Chetan Chauhan) की कहानी बाकी चारों से अलग है. जहां ऊपर दिए गए तीन खिलाड़ी मुख्य रूप से गेंदबाज हैं, वहीं चौहान एक विशेषज्ञ सलामी बल्लेबाज थे. सुनील गावस्कर के साथ उनकी जोड़ी ऐतिहासिक मानी जाती है. 1969 से 1981 के बीच 40 टेस्ट मैचों में उन्होंने 2084 रन बनाए. उन्होंने 16 अर्धशतक लगाए और कई बार शतक के करीब पहुंचे, जिसमें 97 रन उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर रहा. चौहान की भूमिका अक्सर विकेट बचाकर गावस्कर को सहयोग देने की होती थी. उन्होंने 3859 से ज्यादा गेंदें खेलीं, जो उनकी तकनीकी मजबूती को दर्शाता है, लेकिन वह कभी 100 का आंकड़ा पार नहीं कर सके.

इन खिलाड़ियों का योगदान किसी शतकवीर से कम नहीं
इन पांचों खिलाड़ियों की तुलना करें तो शेन वॉर्न रनों के मामले में बादशाह हैं. लेकिन निरोशन डिकवेला अर्धशतकों के मामले में सबसे सफल रहे हैं. टिम साउदी और मिचेल स्टार्क की तुलना की जाए तो साउदी ने भले ही कम रन बनाए हों, लेकिन छक्के लगाने के मामले में वह स्टार्क से कहीं आगे हैं. वहीं, चेतन चौहान का औसत (31.57) इस लिस्ट में सबसे बेहतर है, जो यह साबित करता है कि वह एक बेहतरीन तकनीक वाले बल्लेबाज थे. ये आंकड़े बताते हैं कि टेस्ट क्रिकेट में शतक लगाना सिर्फ कौशल की बात नहीं है, बल्कि उस खास दिन पर मानसिक मजबूती और थोड़े भाग्य की भी जरूरत होती है. इन दिग्गजों ने भले ही कभी सैकड़ा न जड़ा हो, लेकिन खेल में उनका योगदान किसी भी शतकवीर से कम नहीं रहा है.



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