एंट्री लेवल की बाइक लाएगी Honda, जानिए क्या है कंपनी की योजना | auto – News in Hindi

एंट्री लेवल की बाइक लाएगी Honda, जानिए क्या है कंपनी की योजना | auto – News in Hindi


होंडा बाइक (प्रतीकात्मक तस्वीर)

होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (HMSI) देश में ज्यादा कैपेसिटी वाली बाइक और स्कूटर में अपनी मौजूदगी कायम करने के बाद अब एंट्री लेवल की मोटरसाइकिल (Motorcycle) पर काम कर रही है.

नई दिल्ली. टू व्हीलर बनाने वाली कंपनी होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया (Honda Motorcycle and Scooter India/HMSI) देश में ज्यादा कैपेसिटी वाली बाइक और स्कूटर में अपनी मौजूदगी कायम करने के बाद अब एंट्री लेवल की मोटरसाइकिल (Motorcycle) पर काम कर रही है.

ग्रामीण मार्केट में मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी
एचएमएसआई देश की दूसरी सबसे बड़ी टू व्हीलर मैनुफैक्चरर है और अब वह ग्रामीण तथा अर्धशहरी क्षेत्रों के मार्केट में हिस्सेदारी पाने के लिए 110 सीसी से कम इंजन क्षमता के साथ शुरुआती स्तर की मोटरसाइकिल पर काम कर रही है.

होंडा मोटरसाइकिल एंड स्कूटर इंडिया के निदेशक (सेल्स और मार्केटिंग) यदविंदर सिंह गुलेरिया ने कहा, ”हम इस अंतर (शुरुआती स्तर की बाइक) से अवगत हैं और इस पर काम पहले ही प्रगति पर है. कंपनी ने अधिक इंजन क्षमता वाले खंड में अच्छी प्रगति की है और उसने हाल के दिनों में प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का विस्तार किया है.”गुलेरिया ने कहा, ”इस पर काम जारी है. मैं उस समय के बारे में नहीं बता सकता, जब हम यह उत्पाद (शुरुआती स्तर की बाइक) लाएंगे, लेकिन भविष्य में ये आएगा जरूर.” उन्होंने कहा कि कंपनी एक टिकाऊ बिजनेस मॉडल की तलाश कर रही है, जिसका अर्थ है कि प्रोडक्ट पोर्टफोलियो का विस्तार होना चाहिए और हमारे पास काफी संख्या में अच्छी बिक्री वाले मॉडल होने चाहिए.

ऑटो सेक्टर में V शेप का सुधार
वहीं, होंडा कार्स इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि भारतीय ऑटो सेक्टर इस समय V शेप का सुधार देख रहा है, लेकिन इसकी स्थिरता अक्टूबर और नवंबर के सेल आंकड़ों पर निर्भर करेगी. बता दें कि V शेप के सुधार का अर्थ गिरावट के बाद हालात का तेजी से बेहतर होना है.

होंडा कार्स इंडिया लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एवं डायरेक्टर (मार्केटिंग एंड सेल्स) राजेश गोयल ने बताया, ”ऑटो सेक्टर में कई लोगों ने सतर्क आशावाद (Cautious Optimism) शब्द का इस्तेमाल किया है, जिससे मैं सहमत हूं. अगर आप वक्र देखें तो भारतीय ऑटो सेक्टर ने वी-शेप का सुधार देखा है. अक्टूबर और नवंबर के आंकड़ों पर निर्भर करेगा कि यह टिकने वाला है या नहीं.”





Source link