आवेश खान ने हैदराबाद के खिलाफ मैच में जो किया, उसे लेकर क्या कहते हैं नियम?

आवेश खान ने हैदराबाद के खिलाफ मैच में जो किया, उसे लेकर क्या कहते हैं नियम?


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आवेश खान ने हैदराबाद के खिलाफ मैच में जो किया, उसे लेकर क्या कहते हैं नियम?

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avesh khan controversy explained: ऋषभ पंत ने विनिंग चौका लगाया, जिस पर डगआउट में खड़े आवेश खान ने गेंद बाउंड्री के पार होने से पहले ही उसे बल्ले से मैदान से अंदर मार दिया. आवेश की इस हरकत ने नया विवाद खड़ा कर दिया है. सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि अंपायर को इसे ‘डेड बॉल’ या 5 रन की पेनल्टी देनी चाहिए थी. लखनऊ सुपर जायंट्स ने इस मुकाबले में 5 विकेट से जीत दर्ज की.

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आवेश खान के बाउंड्री रोकने पर बवाल.

नई दिल्ली. लखनऊ सुपर जायंट्स और सनराइजर्स हैदराबाद के बीच रविवार (5 अप्रैल) को हुए मैच में आवेश खान की एक हरकत की वजह से नया विवाद खड़ा हो गया है. दरअसल, यह हुआ आखिरी ओवर के दौरान जब लखनऊ सुपर जायंट्स को जीत के लिए एक रन की जरूरत थी और स्ट्राइक पर थे लखनऊ के कप्तान ऋषभ पंत. ऋषभ पंत ने जयदेव उनादकट की गेंद पर विजयी चौका जड़ा, लेकिन गेंद के बाउंड्री पार करने से पहले ही जीत की खुशी में आकर डगआउट के पास पैड पहनकर खड़े आवेश खान ने उसे बल्ले से वापस मैदान की ओर मार दिया. बस इसी को लेकर विवाद खड़ा हो गया.

क्यों हो रहा बवाल?
सोशल मीडिया पर आवेश खान की इस हरकत को नियमों का उल्लंघन बताया जा रहा है. वहीं, कुछ लोगों का कहना है कि पेनल्टी के रूप में 5 रन दिए जाने चाहिए थे. कुछ यह भी कह रहे हैं कि इसे डेड बॉल करार दिया जाना था. चलिए हम इस पूरे मामले को तसल्ली से समझते हैं. आपको यह भी बताएंगे कि आवेश खान ने जो किया, उसे लेकर नियम क्या कहते हैं.

आवेश खान के बाउंड्री रोकने पर बवाल.

क्या कहते हैं नियम?
इस पूरे मामले को लेकर पूर्व इंटरनेशनल अंपायर अनिल चौधरी ने एक वीडियो बनाया है, जिसमें उन्होंने बताया है कि क्या आवेश खान ने सच में नियमों का उल्लंघन किया है. अनिल चौधरी का कहना है, ‘आवेश खान ने जल्दी जश्न मनाते हुए बैट लगा दिया, उनकी आदत है, पहले एक मैच में आरसीबी के खिलाफ उन्होंने जीतने के बाद हेलमेट फेंक दिया था, जिसके बाद उन पर फाइन लगा था. उन्हें इस चीज का थोड़ा ध्यान रखना चाहिए.’ उन्होंने आगे कहा, ‘5 रन की पेनल्टी देने का कोई मतलब नहीं है, क्योंकि वहां कोई भी फील्डर आस-पास नहीं था और न ही फील्डिंग टीम को किसी तरह का नुकसान हुआ है.’

पेनल्टी क्यों नहीं?
अनिल चौधरी एक अन्य मैच का उदाहरण देते हुए समझाते हैं, जिसमें फील्डर गेंद के पास होता है, लेकिन वहां मौजूद बॉलपिकर गेंद को बाउंड्री रोप पर लगने से पहले ही उठा लेता है. इस केस में अंपायर ने चार की बजाय बैटिंग टीम को सिर्फ दो ही रन दिए, वो इसलिए क्योंकि फील्डर पास में ही था. अनिल चौधरी ने कहा, ‘आवेश खान वाले मामले में ऐसा नहीं था. अगर उन्होंने मैच के बीच में ऐसे बैट मारा होता तो Damaging the ball category में बैट्समैन को ले सकते थे, लेकिन यहां 5 रन की पेनल्टी का कोई मतलब नहीं है.’ उन्होंने आगे कहा, ‘ये बहुत ही रेयर सेनारियो है, जिसे लोग बुक में ढूंढ रहे हैं.’

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