भिंड17 मिनट पहले
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पीड़ित परिवार को समझाते एसडीएम सिकरवार
- शहर के भीम नगर इलाके में शनिवार रात हुई वारदात, आरोपी पक्ष से भी एक युवक घायल
- पीड़ित परिवार बोला-रात को शराब पीने के लिए पानी नहीं देने पर दबंगों ने घर पर की फायरिंग
शहर के भीम नगर इलाके में शनिवार की रात करीब 11.30 बजे दो पक्षों में हुए विवाद में एक युवक की गोली लगने से मौत हो गई। जबकि दो अन्य घायल हो गए, जिसमें एक आरोपी पक्ष का है। इस घटना के बाद मृतक के परिवार वालों ने मुर्दाघर पर करीब 18 घंटे तक धरना दिया और आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ शासन से एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता, परिवार के एक व्यक्ति को नौकरी और सुरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस देने की मांग की।
हालांकि रविवार की शाम करीब 4.30 बजे एसडीएम उदय सिंह सिकरवार, डीएसपी हेडक्वार्टर मोतीलाल कुशवाह ने परिवार वालों को सवा आठ लाख रुपए की सहायता राशि, शस्त्र लायसेंस और एक सदस्य को नौकरी का आश्वासन दिया, जिस पर मृतक का शव लेने को राजी हो गए। वहीं पुलिस सुरक्षा के बीच मृतक का अंतिम संस्कार कराया गया।
कुम्हरौआ रोड भीम नगर निवासी अशोक (30) पुत्र परशुराम जाटव ने कोतवाली पुलिस को बताया कि वे शनिवार की रात अपने भाई धर्मेंद्र जाटव, पिता परशुराम, मां मुन्नीदेवी के साथ घर के बाहर सो रहे थे। तभी रात करीब 11.30 बजे कुम्हरौआ निवासी दीपू भदौरिया, साकेत भदौरिया, सतीश भदौरिया, रवींद्र शर्मा आए और धर्मेंद्र को जगाकर उससे शराब पीने के लिए पानी मांगा। जब धर्मेंद्र ने कहा कि इतनी रात को कोई पानी मांगता है तो वे गालियां देने लगे। जब उन्हें गालियां देने से रोका तो दीपू भदौरिया और सतीश भदौरिया ने अपनी कमर से पिस्टल निकालकर उनके भाई पर फायर कर दिए, जिसकी गोली धर्मेंद्र के सीने में लगी और वह जमीन पर गिर पड़ा।
इसी बीच विजय सिंह चौरसिया एवं सौरभ आदिवासी निवासी भीम नगर दोनों हाथों में लाठियां लेकर आ गए और उन्होंने भी गालियां देते हुए लाठियों से हमला बोल दिया, जिससे अशोक भी घायल हो गया। इसके बाद अशोक के परिवार के लोग धर्मेंद्र को लेकर अस्पताल आए। जहां डाक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने अशोक की फरियाद पर दीपू, साकेत, सतीश सभी भदौरिया, रवींद्र शर्मा सभी निवासी कुम्हरौआ, विजय सिंह चौरसिया, सौरभ आदिवासी निवासी भीमनगर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
पथराव के बाद बचाव में की फायरिंग
इस मामले में एक कहानी यह भी सामने आई है कि मृतक के किसी महिला से अनैतिक संबंध थे। इसी बात को लेकर आरोपी पक्ष से उसका विवाद हुआ। यह विवाद इतना बढ़ा कि रात के समय दोनों पक्ष आमने-सामने हो गए और उनमें पथराव हुआ। इस पथराव के दौरान आरोपी पक्ष ने अपने बचाव में फायरिंग की, जिसमें धर्मेंद्र की गोली लगने से मौत हो गई। घटना के बाद जब कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची तो उसे वहां पत्थर भी पड़े मिले हैं।
आरोपी पक्ष से भी एक युवक घायल
भीम नगर में रात के समय हुए इस विवाद में आरोपी पक्ष का सौरभ आदिवासी भी घायल अवस्था में जिला अस्पताल पहुंचा। उसे पेट में चाकू लगना बताया जा रहा है। डाक्टर्स ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे ग्वालियर रैफर कर दिया है। वहीं कोतवाली पुलिस ने एक आरोपी को उठा लिया है। शेष की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिशें दे रही हैं। पुलिस के अनुसार जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
आक्रोशित परिजन बोले- सीएम आकर दें 1 करोड़ की सहायता राशि
भीम नगर निवासी धर्मेंद्र की मौत के बाद अनुसूचित जाति के लोग जिला अस्पताल में एकत्रित होना शुरू हो गए। समाज के कुछ नेताओं ने मांग रखी कि पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता का चेक मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान आकर दें। साथ ही पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, सुरक्षा के लिए शस्त्र लायसेंस और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की जाए। हालांकि प्रशासन ने कहा कि उन्हें शासन के नियमानुसार सहायता दी जाएगी। लेकिन समाज के नेता इस पर राजी नहीं थे। ऐसे में रविवार की शाम चार बजे तक उन्होंने अस्पताल में धरना दिया। वहीं जब प्रशासन ने उन पर अंतिम संस्कार में विघ्न डालने की धाराओं में कार्रवाई का मन बनाया तो परिजन शव लेकर अंतिम संस्कार के लिए राजी हो गए है। घटना के बाद क्षेत्र में तनाव है, इसलिए पुलिस विशेष सतर्कता बरत रही है।