दतिया में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में आयोजित जनसुनवाई में सैकड़ों फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे। कलेक्टर स्वप्निल बांखड़े ने एक-एक आवेदक की बात गंभीरता से सुनी और संबंधित विभागों के अधिकारियों को तत्काल निराकरण के निर्देश दिए। जनसुनवाई में सबसे अधिक मामले जमीन पर कब्जा, राजस्व विवाद, योजनाओं की राशि बंद होने और विभागीय लापरवाही से जुड़े सामने आए। जनसुनवाई में ग्राम उनाव बालाजी निवासी संतोष यादव ने आरोप लगाया कि उनकी कृषि भूमि पर कुछ दबंगों द्वारा जबरन कब्जा किया जा रहा है और परिवार को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा और कब्जा मुक्त कराने की मांग की। वहीं ग्राम दुरसड़ा के ग्रामीणों ने राजस्व विभाग पर बिना दोष साबित हुए जुर्माना वसूली का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि खेत में आग अज्ञात ट्रैक्टर से लगी थी, जिसकी FIR भी दर्ज है, इसके बावजूद विभाग द्वारा नोटिस जारी कर दिए गए। योजनाओं की राशि बंद होने की शिकायतें
कई मामलों में सरकारी योजनाओं की राशि बंद होने की शिकायतें भी सामने आईं। सरसई निवासी उमा देवी ने किसान सम्मान निधि की राशि 2019 से बंद होने की बात कही, जबकि दतिया शहर की सुमित्रा अहिरवार ने लाड़ली बहना योजना की किस्त जनवरी 2026 से नहीं मिलने की शिकायत दर्ज कराई। जनसुनवाई में आवास की समस्या भी प्रमुखता से उठी। ग्राम सतलौन की कुसुम तिवारी ने बताया कि उनका कच्चा मकान गिर चुका है और वे झोपड़ी में रहने को मजबूर हैं, बावजूद इसके उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला। पटवारियों की भी कई शिकायतें आईं
इसके अलावा पटवारियों की कार्यप्रणाली को लेकर भी कई शिकायतें आईं। डगरई के रामप्रकाश तिवारी ने एक साल से लंबित रिपोर्ट प्रस्तुत न करने का आरोप लगाया, वहीं एक अन्य मामले में भूमि रिकॉर्ड में गड़बड़ी हुई की शिकायत की गई। आंगनबाड़ी भर्ती, पेंशन में नाम सुधार और कोर्ट के स्टे आदेश के बावजूद जमीन पर कब्जा जैसे मामले भी जनसुनवाई में पहुंचे। कलेक्टर स्वप्निल बांखड़े ने सभी मामलों में संबंधित अधिकारियों को समय सीमा में जांच कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए और कहा कि जनसुनवाई में आए प्रत्येक आवेदन का प्राथमिकता से निराकरण सुनिश्चित किया जाए।
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